तमिलनाडू

तमिलनाडु कैबिनेट का विस्तार, AM शाहजहां और वन्नी अरासु ने मंत्री पद की शपथ ली

Kavita2
22 May 2026 10:30 AM IST
तमिलनाडु कैबिनेट का विस्तार, AM शाहजहां और वन्नी अरासु ने मंत्री पद की शपथ ली
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में शुक्रवार को राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। लोक भवन में आयोजित एक सादे समारोह में दो नए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने दोनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस कैबिनेट विस्तार में AM शाहजहां और वन्नी अरासु को राज्य मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। समारोह में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय भी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद दोनों नेताओं ने औपचारिक रूप से अपने नए दायित्व संभाल लिए।

जानकारी के अनुसार, AM शाहजहां पापनासम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, जबकि वन्नी अरासु ने टिंडीवनम विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है। दोनों ही विधायकों को उनके क्षेत्रीय प्रदर्शन और संगठनात्मक सक्रियता के आधार पर मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।

इस विस्तार के साथ राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है, जो संविधान के तहत निर्धारित अधिकतम सीमा के अनुरूप है। अधिकारियों के अनुसार, कैबिनेट का यह पुनर्गठन प्रशासनिक संतुलन और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम राज्य सरकार द्वारा संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की दिशा में उठाया गया है। दोनों नए मंत्रियों की नियुक्ति से संबंधित क्षेत्रों में सरकार की पकड़ और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

समारोह को बेहद सादे और सीमित आयोजन के रूप में रखा गया, जिसमें केवल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, कैबिनेट मंत्री और चुनिंदा अतिथि शामिल हुए। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों नए मंत्रियों को शुभकामनाएं दीं और उनसे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की उम्मीद जताई।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रियों को जल्द ही विभागों का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद वे अपने-अपने विभागों की जिम्मेदारी संभालकर राज्य सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में योगदान देंगे।

राजनीतिक हलकों में इस कैबिनेट विस्तार को सरकार की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अनुभवी और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व रखने वाले विधायकों को शामिल कर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

फिलहाल राज्य में इस बदलाव के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल इस कैबिनेट विस्तार के प्रभावों का आकलन करने में जुटे हैं।

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