
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े एक गंभीर मामले में सुरक्षा एजेंसियों और इमिग्रेशन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। चेन्नई एयरपोर्ट सहित राज्य के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर जांच अभियान चलाकर उन लोगों की पहचान की गई, जिन पर विदेश में नागरिकता लेने के बावजूद विधानसभा चुनाव में अवैध रूप से मतदान करने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई भारत के चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद की गई, जिसमें ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई के आदेश दिए गए थे, जहां विदेश नागरिकता प्राप्त करने वाले लोगों ने कथित तौर पर भारत में मतदान किया था।
इस अभियान के तहत चेन्नई एयरपोर्ट पर एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया, जिस पर तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अवैध रूप से वोट डालने का आरोप है। इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हिरासत में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके अलावा, जांच अभियान केवल चेन्नई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि त्रिची, मदुरै और कोयंबटूर एयरपोर्ट पर भी समान स्तर की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया लागू की गई। इन सभी स्थानों पर विदेश यात्रा कर लौट रहे यात्रियों की जांच की गई, जिसमें फिंगरप्रिंट और पहचान सत्यापन शामिल था।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में इस विशेष अभियान के दौरान कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने या तो विदेश में नागरिकता प्राप्त कर ली थी या विदेशी स्थिति में रहते हुए भारत के चुनावी नियमों का उल्लंघन किया और मतदान किया।
इमिग्रेशन विभाग ने बताया कि संदिग्ध यात्रियों की पहचान तकनीकी डेटा, पासपोर्ट रिकॉर्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर की गई। इसके बाद जिन लोगों पर संदेह पुख्ता हुआ, उन्हें हिरासत में लेकर संबंधित पुलिस थानों को सौंप दिया गया।
इस पूरी कार्रवाई को राज्य में चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि मतदान प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे।
चुनाव आयोग की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जिन लोगों ने विदेशी नागरिकता प्राप्त कर ली है, वे भारतीय चुनावों में मतदान करने के पात्र नहीं हैं। इस नियम के उल्लंघन को गंभीर अपराध माना जाता है और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल सभी गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है और उनके दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस मामले में कोई संगठित नेटवर्क या गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है।
इस घटना के बाद एयरपोर्ट सुरक्षा और इमिग्रेशन सिस्टम को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी चर्चा शुरू हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके।





