
चेन्नई: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 'वेट्री पयनम' (Vetri Payanam) स्कीम की समीक्षा की, जिससे राज्य में 84.32 लाख महिलाओं को फ़ायदा होने की उम्मीद है। यह स्कीम महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा की मौजूदा सुविधा का विस्तार है, जिसके तहत वे अब सिर्फ़ साधारण (सफ़ेद बोर्ड वाली) बसों में ही नहीं, बल्कि सभी तरह की बसों में यात्रा कर सकेंगी।
इस बढ़ी हुई स्कीम का मकसद काम पर जाने, शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने वाली महिलाओं को सड़क परिवहन बसों तक बेहतर पहुँच देना है, ताकि उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
'वेट्री पयनम' स्कीम के ज़रिए, महिलाएँ 12,692 तय सरकारी बसों में मुफ़्त यात्रा कर पाएँगी। इस विस्तार में साधारण शहर और कस्बों की बसों पर मिलने वाली मौजूदा छूट के अलावा, अब कॉर्पोरेशन और नगरपालिका की सीमाओं के भीतर एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस और डीलक्स बसें, साथ ही 40 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी तक चलने वाली मोफुसिल (Mofussil) साधारण और घाट (Ghat) साधारण बसें भी शामिल होंगी।
जारी बयान के अनुसार, ये तय बसें सात राज्य परिवहन निगमों द्वारा संचालित कुल बसों का 69 प्रतिशत हैं। ये बसें हर दिन 1,65,312 सिंगल ट्रिप करेंगी, जो राज्य के कुल बस संचालन का 85 प्रतिशत है।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिन तय बसों का इस्तेमाल लाभार्थी करेंगी, वे सात राज्य परिवहन निगमों द्वारा संचालित कुल बसों का 69 प्रतिशत हैं और हर दिन 1,65,312 सिंगल ट्रिप करेंगी, जो राज्य के कुल बस संचालन का 85 प्रतिशत है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्कीम को लॉन्च करने की तैयारियों के तहत, तय बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें लगाने का काम पूरा हो चुका है और अधिकारियों से 25 सितंबर तक सिस्टम की टेस्टिंग और वेरिफिकेशन पूरा करने को कहा गया है, जिसके बाद 27 सितंबर को ट्रायल रन होगा।
विज्ञप्ति के अनुसार, इस स्कीम की घोषणा 24 अगस्त को राज्य विधानसभा में की गई थी ताकि यह पक्का किया जा सके कि महिलाएँ और छात्राएँ परिवहन खर्च की वजह से रोज़गार या शिक्षा के मौकों से वंचित न रहें। इसका मकसद कार्यस्थलों, कॉलेजों और ज़रूरी चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँच प्रदान करना है और अब यह 2 अक्टूबर को लॉन्च होने के लिए पूरी तरह तैयार है।





