तमिलनाडू

स्टालिन का विजय सरकार पर निशाना लंदन दौरे पर सवाल

Ratna Netam
19 Sept 2026 8:55 PM IST
स्टालिन का विजय सरकार पर निशाना लंदन दौरे पर सवाल
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चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की हालिया लंदन यात्रा पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था, बिजली कटौती और बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर घेरा। स्टालिन ने पूछा कि मुख्यमंत्री लंदन क्यों गए थे और वहां से तमिलनाडु के लिए कितना निवेश लेकर आए हैं।
चेन्नई स्थित DMK मुख्यालय अन्ना अरिवालयम के कलैगनार अरंगम में आयोजित पार्टी के वार्षिक ‘मुप्पेरुम विझा’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्टालिन ने विजय की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर समझौता किसी भारतीय कंपनी के साथ ही करना था तो इसके लिए लंदन जाने की जरूरत क्यों पड़ी।
स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के फिल्मी करियर को लेकर भी राजनीतिक तंज किया। उन्होंने कहा कि विजय ने पहले फिल्मों में अभिनय छोड़ने की बात कही थी, लेकिन अब वह जनता के सामने अभिनय कर रहे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि पहले ‘लोकल शूटिंग’ होती थी और अब ‘फॉरेन शूटिंग’ हो रही है।
स्टालिन की ये टिप्पणियां राजनीतिक आलोचना का हिस्सा हैं। विजय की ब्रिटेन यात्रा को लेकर उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु सरकार ने इस दौरे के दौरान करीब 12,300 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जिनसे 9,400 से ज्यादा नौकरियों की संभावना बताई गई है। ऐसे में विदेश यात्रा से निवेश नहीं आने की बात को स्थापित तथ्य के बजाय विपक्षी नेता के सवाल और राजनीतिक आरोप के रूप में देखना जरूरी है।
लंदन दौरे को लेकर उठाए सवाल
एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय से सीधे सवाल करते हुए पूछा कि उनकी लंदन यात्रा का तमिलनाडु को क्या फायदा मिला। उन्होंने भारतीय कंपनी के साथ विदेश में समझौता किए जाने पर भी सवाल उठाया।
विजय की लंदन यात्रा पहले भी राजनीतिक विवाद का विषय रही है। AIADMK ने भी एक ऐसी कंपनी के साथ लंदन में MoU करने पर सवाल उठाया था, जिसका मुख्यालय नोएडा में है। विपक्ष का तर्क था कि भारत में मौजूद कंपनी के साथ समझौते के लिए विदेश जाने की आवश्यकता स्पष्ट की जानी चाहिए।
दूसरी ओर निवेश आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्रियों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधिमंडलों की विदेश यात्राएं नई बात नहीं हैं। अलग-अलग राज्य वैश्विक निवेशकों से संपर्क और औद्योगिक परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इसलिए किसी दौरे की सफलता का आकलन घोषित MoU के साथ-साथ वास्तविक निवेश और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से भी जुड़ा होता है।
कानून-व्यवस्था पर TVK सरकार को घेरा
स्टालिन ने अपने भाषण में तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हत्या, हमला और गोलीबारी जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
TVK सरकार पर निशाना साधते हुए स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु में इस समय मुख्य मुकाबला ‘बिजली कटौती और दरांती से होने वाले हमलों’ के बीच चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध की घटनाओं ने लोगों में चिंता बढ़ाई है।
स्टालिन ने दावा किया कि राज्य में इतनी हत्याएं हो रही हैं कि उनकी गिनती रखना मुश्किल हो गया है। उन्होंने तमिलनाडु को अपराधियों के लिए ‘हंटिंग ग्राउंड’ बनने का आरोप भी लगाया।
ये सभी दावे स्टालिन और DMK की ओर से TVK सरकार पर लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति का निष्कर्ष अपराध के आधिकारिक आंकड़ों और समयावधि की तुलना के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों पर भी लगाया आरोप
DMK अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ अवैध ड्रग्स की बिक्री जैसे मामलों में कार्रवाई हुई है। उन्होंने हत्या और हथियारों से हमले की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
स्टालिन ने विनायक चतुर्थी के दौरान हुई कथित हिंसक घटनाओं का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि सरकार कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में प्रभावी नहीं रही है।
TVK सरकार और संबंधित मामलों में आरोपित व्यक्तियों का पक्ष तथा आधिकारिक अपराध आंकड़े इन आरोपों के मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
बिजली कटौती को बनाया बड़ा मुद्दा
स्टालिन ने कानून-व्यवस्था के साथ बिजली कटौती को भी सरकार के खिलाफ प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के लोगों को रात के समय बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बिजली आपूर्ति को लेकर TVK सरकार की आलोचना करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता के रूप में पेश किया। इसके साथ ही महंगाई का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों में अनिश्चित बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि बिजली कटौती की व्यापकता और मूल्य वृद्धि के कारणों का आकलन संबंधित विभागों तथा आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
‘रील्स’ को लेकर विजय पर तंज
स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के सोशल मीडिया और सार्वजनिक प्रचार के तौर-तरीकों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शासन से ज्यादा ‘रील्स’ पर ध्यान दे रही है।
विधानसभा के भीतर स्क्रीन पर मुख्यमंत्री को दिखाए जाने का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने सवाल किया कि क्या विधानसभा को भी सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने की जगह बनाया जा रहा है।
उन्होंने TVK के नाम पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘विक्ट्री कझगम’ के बजाय ‘रील्स कझगम’ नाम देने की टिप्पणी की।
यह टिप्पणी विजय की अभिनेता से राजनेता बनी सार्वजनिक छवि को लेकर DMK की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है। स्टालिन इससे पहले भी विजय पर ‘रील्स’ और ‘शूटिंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए निशाना साध चुके हैं।
MISA गिरफ्तारी का भी किया जिक्र
अपने संबोधन के दौरान एमके स्टालिन ने आपातकाल के दौरान MISA के तहत अपनी गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने राजनीतिक संघर्ष और गिरफ्तारी को साबित करने के लिए किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
स्टालिन ने दिवंगत DMK नेता चिट्टी बाबू का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर की गिरफ्तारियों और घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया गया था।
उन्होंने कहा कि उनके त्याग को अंक देने की योग्यता किसी के पास नहीं है। यह टिप्पणी हाल के राजनीतिक विवादों के संदर्भ में सामने आई, जिसमें उनके आपातकालीन दौर के राजनीतिक संघर्ष पर सवाल उठाए गए थे।
उपचुनाव को बताया ‘जबरन थोपा गया
स्टालिन ने आगामी उपचुनाव को लेकर भी TVK सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे ‘जबरन कराया गया उपचुनाव’ बताते हुए आरोप लगाया कि मतदान के कुछ समय बाद ही इस्तीफा दिया गया और अब दूसरे चुनाव चिह्न के तहत सीट पर मुकाबला किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से उपचुनाव की स्थिति बनी, उससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा है। हालांकि यह DMK अध्यक्ष की राजनीतिक व्याख्या है और उपचुनाव की संवैधानिक वैधता निर्वाचन प्रक्रिया तथा संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाओं से निर्धारित होती है।
अपनी सरकार की योजनाओं का किया जिक्र
स्टालिन ने पूर्व DMK सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई कई कल्याणकारी योजनाओं को मौजूदा सरकार अलग नाम और स्वरूप में आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि DMK ने सत्ता में रहते हुए गठबंधन सहयोगियों के साथ सरकार चलाई और विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं पर काम किया।
DMK अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया और कहा कि पार्टी का राजनीतिक इतिहास जीत और हार दोनों से बना है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ही उन्हें पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचाया।
DMK के लंबे राजनीतिक सफर का उल्लेख
मुप्पेरुम विझा DMK का महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन है। इसे समाज सुधारक पेरियार ईवी रामासामी और पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई की जयंती तथा DMK के स्थापना दिवस से जोड़कर आयोजित किया जाता है। इस साल कार्यक्रम पहले 15 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन स्टालिन की तबीयत खराब होने के कारण इसे स्थगित कर 19 सितंबर को आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में स्टालिन ने कहा कि DMK ने अपने लंबे राजनीतिक सफर में कई चुनावी जीत और हार देखी हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संगठन की ताकत बताते हुए उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आंदोलन और संगठन को व्यक्तिगत हितों से ऊपर मानते हैं, वे निश्चित रूप से वापस आएंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किन नेताओं की तरफ था।
तमिलनाडु में तेज हुई सियासी लड़ाई
विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार और विपक्षी DMK के बीच कानून-व्यवस्था, निवेश, बिजली आपूर्ति, महंगाई और सरकार की प्रचार शैली जैसे मुद्दों पर राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है। स्टालिन ने मुप्पेरुम विझा के मंच से इन्हीं मुद्दों को एक साथ उठाकर सरकार पर हमला किया।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री विजय की लंदन यात्रा के दौरान निवेश समझौतों की भी रिपोर्ट है। ऐसे में निवेश को लेकर विपक्ष के सवाल और सरकार की ओर से घोषित MoU, दोनों को ध्यान में रखकर ही दौरे के परिणामों का मूल्यांकन किया जा सकता है।
स्टालिन के शनिवार के भाषण से इतना स्पष्ट है कि DMK आने वाले समय में TVK सरकार को कानून-व्यवस्था, बिजली कटौती, महंगाई, निवेश और शासन के तौर-तरीकों पर लगातार घेरने की तैयारी में है। वहीं इन आरोपों पर TVK सरकार का विस्तृत जवाब और आधिकारिक आंकड़े राज्य की राजनीतिक बहस में अहम रहेंगे।
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