तमिलनाडू
तमिलनाडु में बारिश का कहर 10 से ज्यादा जगहों पर भूस्खलन, बस ड्राइवर की मौत
Ratna Netam
24 Oct 2026 7:48 PM IST

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चेन्नई। तमिलनाडु के नीलगिरि और कोयंबटूर जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में एक सरकारी बस चालक की मौत हो गई, जबकि एक कंडक्टर घायल हो गया। बारिश और भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। कुन्नूर-मेट्टुपलायम राष्ट्रीय राजमार्ग पर 10 से अधिक स्थानों पर भूस्खलन की सूचना मिली है। इसके अलावा बरलियार गांव में एक मकान बह जाने की घटना भी सामने आई है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
रातभर हुई बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात नीलगिरि और कोयंबटूर जिलों में लगातार तेज बारिश होती रही। भारी बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों की मिट्टी कमजोर हो गई और कई स्थानों पर भूस्खलन होने लगा। पहाड़ियों से बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और चट्टानें सड़कों पर आ गिरीं।कुन्नूर-मेट्टुपलायम राष्ट्रीय राजमार्ग पर 10 से अधिक स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं। कई जगहों पर बड़े पेड़ भी उखड़कर सड़क पर गिर गए, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई।भूस्खलन के कारण सड़क के कई हिस्सों पर मलबा जमा हो गया है। इससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी बस चालक की मौत, कंडक्टर घायल
भारी बारिश और भूस्खलन के बीच एक दुखद घटना में सरकारी बस चालक की जान चली गई। वहीं, बस का कंडक्टर घायल हो गया। घटना के बाद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति का जायजा लिया।इस हादसे ने पहाड़ी सड़कों पर बारिश के दौरान यात्रा करने से जुड़े खतरों को एक बार फिर सामने ला दिया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से पत्थर और मिट्टी गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
बरलियार गांव में बह गया मकान
बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। नीलगिरि जिले के बरलियार गांव में भारी बारिश के कारण एक मकान बह जाने की सूचना मिली है।इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण जमीन खिसकने और जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहा है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप
कुन्नूर-मेट्टुपलायम राष्ट्रीय राजमार्ग नीलगिरि के पहाड़ी इलाकों को मैदानी क्षेत्रों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। भूस्खलन के कारण इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई हैकई स्थानों पर सड़क के बीचोंबीच मिट्टी, पत्थर और पेड़ गिरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया। इसके चलते वाहन चालकों को आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।प्रशासन की प्राथमिकता सड़क पर जमा मलबे को हटाकर यातायात को सुरक्षित तरीके से बहाल करना है।
राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें
घटनाओं की जानकारी मिलते ही आपदा प्रतिक्रिया दल, दमकल विभाग, बचाव कर्मी और राजमार्ग विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गए।सड़क पर गिरे बड़े पत्थरों, चट्टानों और पेड़ों को हटाने के लिए राहत एवं बहाली कार्य जारी है। कर्मचारी भूस्खलन प्रभावित हिस्सों को साफ करने में जुटे हुए हैं।लगातार बारिश और पहाड़ी इलाकों की स्थिति के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जाए, ताकि यातायात दोबारा शुरू किया जा सके।
जिला कलेक्टर और एसपी ने किया निरीक्षण
नीलगिरि की जिला कलेक्टर लक्ष्मी भव्य तन्नेरू और पुलिस अधीक्षक वृंदा ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मलबा हटाने तथा सड़क बहाली के कार्यों की निगरानी की।प्रशासन का ध्यान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क संपर्क बहाल करने पर केंद्रित है। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना महत्वपूर्ण है।फिलहाल राहत एवं बचाव दल प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवरुद्ध सड़कों को सुरक्षित रूप से खोलना और संभावित नए भूस्खलन के जोखिम के बीच लोगों की आवाजाही सामान्य करना है।
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