तमिलनाडू
तमिलनाडु में भूस्खलन की चपेट में आई बस, ड्राइवर की मौत
Rajeshwari Nishad
24 Oct 2026 2:54 PM IST

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उधगमंडलम। तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में भारी बारिश के बीच शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को बड़ा हादसा हो गया। कुन्नूर और मेट्टुपलायम के बीच बुरलियार के पास पहाड़ी से अचानक भूस्खलन होने के कारण मिट्टी, चट्टानें और उखड़े हुए पेड़ तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम (TNSTC) की बस पर गिर गए। इस दर्दनाक हादसे में बस चालक जनगराज की मौत हो गई, जबकि कंडक्टर केशवन गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पहाड़ी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार तड़के उस समय हुई, जब सरकारी बस भारी बारिश के बीच कुन्नूर से मेट्टुपलायम की ओर जा रही थी। बस को ऊटी के पास कूरट्टी गांव के रहने वाले जनगराज चला रहे थे, जबकि केशवन कंडक्टर के रूप में ड्यूटी पर तैनात थे। बुरलियार के निकट पहुंचते ही पहाड़ी ढलान से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी और पेड़ बस पर आ गिरे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा और छत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
भारी बारिश के बीच बस पर गिरा मलबा
जानकारी के मुताबिक, नीलगिरि जिले में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार रात भी कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो गई।शनिवार तड़के बुरलियार के पास अचानक भूस्खलन हुआ। इसी दौरान सड़क से गुजर रही सरकारी बस मलबे की चपेट में आ गई।मिट्टी, पत्थरों और पेड़ों ने बस को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वाहन के भीतर भी कीचड़ और मलबा भर गया, जिससे उसमें सवार लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में चालक और कंडक्टर समेत लगभग छह से आठ लोग सवार थे। हालांकि, यात्रियों की सटीक संख्या को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अंतर सामने आया है।
अस्पताल में इलाज के दौरान चालक ने तोड़ा दम
हादसे की सूचना मिलने के बाद दमकल और बचाव विभाग की टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया।बचावकर्मियों ने पेड़ों और मिट्टी को हटाकर बस में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल चालक जनगराज को मेट्टुपलायम सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।तमिल मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में इलाज के दौरान जनगराज ने दम तोड़ दिया।कंडक्टर केशवन को भी घायल अवस्था में बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना भी सामने आई है।घटना के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली।
छह स्थानों से पहुंची बचाव टीमें
बुरलियार में हुए इस हादसे के बाद आसपास के कई क्षेत्रों से दमकल और बचाव दल बुलाए गए।मेट्टुपलायम, कुन्नूर, पेरियानाइकेनपालायम, अन्नूर, कवुंदमपालायम और सुलूर से राहतकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे।मेट्टुपलायम अग्निशमन केंद्र के अधिकारी पीएन अनिल कुमार के अनुसार, भूस्खलन के कारण बस के भीतर मिट्टी और कीचड़ जमा हो गया था। इससे यात्रियों को बाहर निकालने में मुश्किलें आ रही थीं।राहतकर्मियों ने पेड़ों को काटने और मलबा हटाने के लिए उपकरणों का इस्तेमाल किया। खराब मौसम और पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा।
बुरलियार में 250 मिलीमीटर बारिश दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह सात बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान बुरलियार में 250 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।यह नीलगिरि जिले में इस अवधि के दौरान सबसे अधिक बारिश थी।इसके अलावा किल कोटागिरि में 200 मिलीमीटर, येडप्पल्ली में 161 मिलीमीटर और कोटागिरि में 137 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो रही है और कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।प्रशासन ने लोगों को पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
19 स्थानों पर भूस्खलन, कई सड़कें बंद
भारी बारिश ने नीलगिरि जिले में यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।जानकारी के अनुसार, मेट्टुपलायम-ऊटी घाट मार्ग, ऊटी-कोटागिरि रोड, मेट्टुपलायम-कोटागिरि मार्ग और ऊटी-मंजूर रोड सहित विभिन्न सड़कों पर करीब 19 स्थानों पर भूस्खलन हुआ।इसके अलावा जिले में 18 स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी, चट्टानें और पेड़ गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। कई स्थानों पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया और मलबा हटाने का काम शुरू कराया।
केरल के सैकड़ों छात्र भी फंसे
नीलगिरि में भूस्खलन के कारण ऊटी घूमने आए केरल के कई छात्र भी रास्ते में फंस गए।बताया जा रहा है कि सैकड़ों छात्र पर्यटन यात्रा पर ऊटी पहुंचे थे, लेकिन पहाड़ी मार्ग बंद होने से उन्हें आगे बढ़ने में परेशानी हुई।पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की। बचावकर्मियों ने रस्सियों की सहायता से प्रभावित मार्ग पार कराने और मिनी बसों के जरिए छात्रों को सुरक्षित निकालने में मदद की।इस दौरान स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की।
भारी बारिश के कारण स्कूलों में छुट्टी घोषित
जिले में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए नीलगिरि जिला प्रशासन ने शनिवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी।जिलाधिकारी लक्ष्मी भव्या तनेरू ने शैक्षणिक संस्थानों को विशेष कक्षाएं आयोजित नहीं करने की सलाह भी दी।भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मेट्टुपलायम-ऊटी पर्वतीय रेल सेवा भी प्रभावित हुई। शनिवार के लिए ट्रेन सेवा रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है।अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति और प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
लगातार बारिश से बढ़ा भूस्खलन का खतरा
नीलगिरि जिला पश्चिमी घाट के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित है। यहां घुमावदार सड़कों और खड़ी ढलानों के कारण भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है।लगातार बारिश होने से मिट्टी में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ढलानों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पहाड़ियों से पत्थर, पेड़ और मिट्टी सड़क पर गिरने की आशंका बढ़ जाती है।प्रशासन ने वाहन चालकों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
फिलहाल बुरलियार में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद राहत और सड़क बहाली का काम जारी है। चालक की मौत से परिवहन निगम के कर्मचारियों में शोक का माहौल है। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित मार्गों को सुरक्षित बनाना और किसी अन्य दुर्घटना को रोकना है।
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