तमिलनाडू
Tamil Nadu: में सियासी घमासान शशिकला को महासचिव पद से हटाने का फैसला
Ratna Netam
28 Oct 2026 6:43 PM IST

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चेन्नई : 28 अक्टूबर 2026। तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब ऑल इंडिया पुराची थलाइवर मक्कल मुनेत्र कड़गम (AIPTMMK) के संस्थापक अध्यक्ष पी. चक्रवर्ती ने वीके शशिकला को पार्टी के महासचिव पद से हटाने की घोषणा कर दी। चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि शशिकला ने 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और कार्यकर्ताओं तथा उम्मीदवारों से भी दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया गया है। चक्रवर्ती ने बताया कि शशिकला को हटाने के संबंध में निर्वाचन आयोग को पत्र भेजा गया है। हालांकि, इस निर्णय की औपचारिक घोषणा फरवरी 2027 में प्रस्तावित पार्टी की आम परिषद की बैठक में की जाएगी।
चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चक्रवर्ती ने किया ऐलान
AIPTMMK के संस्थापक अध्यक्ष पी. चक्रवर्ती ने बुधवार को चेन्नई के वलसरवक्कम स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत की।इस दौरान उन्होंने शशिकला के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की घोषणा करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।चक्रवर्ती ने कहा कि शशिकला को उम्मीद के साथ पार्टी का महासचिव बनाया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद उन्होंने संगठन की गतिविधियों में भाग लेना बंद कर दिया।उनके अनुसार, पार्टी पदाधिकारियों ने कई बार शशिकला से संपर्क करने और मुलाकात करने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।उन्होंने बताया कि पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद महासचिव पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं से नहीं मिलीं शशिकला: चक्रवर्ती
चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान शशिकला ने पार्टी का नेतृत्व करने और उम्मीदवारों को समर्थन देने की जिम्मेदारी संभाली थी।लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से संपर्क नहीं रखा।उन्होंने दावा किया कि पार्टी के उम्मीदवार और स्थानीय पदाधिकारी लगातार शशिकला से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिला।चक्रवर्ती के मुताबिक, इससे कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी बढ़ी और संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हुईं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शशिकला ने चुनाव के दौरान पार्टी का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया।हालांकि, ये आरोप चक्रवर्ती और उनके समर्थकों की ओर से लगाए गए हैं। इन पर शशिकला की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध रिपोर्टों में सामने नहीं आई है।
फरवरी 2027 में होगी औपचारिक घोषणा
चक्रवर्ती ने स्पष्ट किया कि शशिकला को महासचिव पद से हटाने का फैसला घोषित कर दिया गया है, लेकिन इसे पार्टी की निर्धारित संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप दिया जाएगा।इसके लिए फरवरी 2027 में आम परिषद की बैठक आयोजित करने की योजना है।उन्होंने बताया कि पार्टी के नियमों के अनुसार संगठनात्मक चुनाव और पदाधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।शशिकला को हटाने के निर्णय के संबंध में निर्वाचन आयोग को भी पत्र भेजा गया है।चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी की गतिविधियों को जारी रखने के लिए जल्द ही नए महासचिव की नियुक्ति की जाएगी।इस प्रकार फिलहाल पार्टी नेतृत्व ने शशिकला को हटाने की घोषणा की है, जबकि संबंधित औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं।
मार्च 2026 में AIPTMMK की कमान संभाली थी शशिकला ने
वीके शशिकला ने मार्च 2026 में AIPTMMK का नेतृत्व संभाला था।यह राजनीतिक दल वर्ष 2016 में मदुरै के पी. चक्रवर्ती द्वारा पंजीकृत कराया गया था।शशिकला ने 13 मार्च 2026 को घोषणा की थी कि वह इस पार्टी में शामिल होकर उसका नेतृत्व करेंगी।इससे पहले उन्होंने फरवरी में रामनाथपुरम में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एक नया झंडा भी प्रस्तुत किया था।पार्टी के झंडे में द्रविड़ आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं सीएन अन्नादुरई, एमजी रामचंद्रन और जे. जयललिता की तस्वीरें शामिल की गई थीं।पार्टी को चुनाव आयोग की ओर से नारियल के बाग का चुनाव चिह्न आवंटित हुआ था।शशिकला ने उस समय तमिलनाडु और पुडुचेरी में राजनीतिक गतिविधियों का विस्तार करने की बात कही थी।
विधानसभा चुनाव के दौरान भी सामने आए थे मतभेद
AIPTMMK में शशिकला के नेतृत्व को लेकर विवाद पहली बार सामने नहीं आया है।अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी पार्टी के कुछ नेताओं ने नाराजगी जताई थी।रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उम्मीदवारों के चयन में उनकी राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।कुछ नेताओं का कहना था कि हाल में पार्टी में शामिल हुए व्यक्तियों को ज्यादा अवसर दिए जा रहे हैं।इसके अलावा संगठनात्मक निर्णयों में एकतरफा रवैया अपनाने के आरोप भी लगे थे।हालांकि, ये आरोप पार्टी के असंतुष्ट नेताओं की ओर से लगाए गए थे और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
शशिकला का तमिलनाडु की राजनीति से पुराना संबंध
वीके शशिकला तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके नेता जे. जयललिता की करीबी सहयोगी रही हैं।जयललिता के दिसंबर 2016 में निधन के बाद शशिकला एआईएडीएमके के भीतर प्रभावशाली नेता के रूप में सामने आई थीं।हालांकि, बाद में पार्टी में नेतृत्व को लेकर मतभेद बढ़ गए।वर्ष 2017 में एआईएडीएमके की आम परिषद ने शशिकला को महासचिव पद से हटा दिया था।इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक अपनी राजनीतिक भूमिका को फिर मजबूत करने का प्रयास किया।2026 में AIPTMMK का नेतृत्व संभालने को उनकी सक्रिय राजनीति में नई शुरुआत के रूप में देखा गया था।लेकिन अब चक्रवर्ती की घोषणा के बाद उनके सामने एक और संगठनात्मक विवाद खड़ा हो गया है।
चुनाव में कई सीटों पर उतारे थे उम्मीदवार
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में AIPTMMK ने राज्य के दक्षिणी जिलों की कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे।चुनाव के दौरान पार्टी के प्रदर्शन और उसके उम्मीदवारों को मिले मतों को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हुई।सत्तूर, मुदुकुलथुर और उसिलामपट्टी जैसी सीटों पर AIPTMMK उम्मीदवारों को मिले मतों का अन्य दलों के चुनावी प्रदर्शन से तुलनात्मक विश्लेषण किया गया।हालांकि, किसी एक दल की हार का कारण केवल AIPTMMK के उम्मीदवारों को मिले मतों को मानना उचित नहीं होगा। चुनाव परिणाम स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और विभिन्न दलों के समर्थन पर भी निर्भर करते हैं।
सत्तारूढ़ डीएमके सरकार के खिलाफ दो प्रस्ताव पारित
चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी बताया कि पार्टी की ओर से तमिलनाडु की मौजूदा सरकार और उसके प्रशासन के खिलाफ दो प्रस्ताव पारित किए गए हैं।उन्होंने कहा कि AIPTMMK अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेगी और भविष्य के चुनावों में भी भाग लेने की तैयारी करेगी।पार्टी संस्थापक के अनुसार, संगठन का उद्देश्य अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना और राजनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना है।इसके लिए नेतृत्व में बदलाव और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
क्या शशिकला की एआईएडीएमके में होगी वापसी?
शशिकला को AIPTMMK से हटाने की घोषणा के बाद तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में उनके भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।कुछ मीडिया रिपोर्टों में उनके दोबारा एआईएडीएमके से जुड़ने की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है।हालांकि, इस संबंध में शशिकला या एआईएडीएमके नेतृत्व की ओर से किसी आधिकारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।ऐसे में उनकी राजनीतिक वापसी या अगले कदम को लेकर फिलहाल कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
अब नए महासचिव की नियुक्ति पर टिकी निगाहें
AIPTMMK के संस्थापक अध्यक्ष चक्रवर्ती की घोषणा ने पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।एक ओर चक्रवर्ती शशिकला पर संगठन से दूरी बनाने और कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शशिकला की प्रतिक्रिया का इंतजार है।अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पार्टी का नया महासचिव कौन बनेगा और फरवरी 2027 की आम परिषद बैठक में शशिकला को हटाने के फैसले को किस तरह औपचारिक रूप दिया जाएगा।फिलहाल, इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु में छोटे राजनीतिक दलों के संगठनात्मक विवादों और शशिकला के राजनीतिक भविष्य को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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