तमिलनाडू

Namakkal : हेड कांस्टेबल के निधन पर पुलिस संगठन ने दिया 26 लाख का सहयोग

Kavita2
15 May 2026 9:33 AM IST
Namakkal : हेड कांस्टेबल के निधन पर पुलिस संगठन ने दिया 26 लाख का सहयोग
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Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के नामक्कल जिले में पुलिस विभाग से जुड़ी एक भावुक घटना सामने आई है, जहां नामक्कल पुलिस स्टेशन में कार्यरत हेड कांस्टेबल सुंदरराजन का हाल ही में खराब स्वास्थ्य के कारण निधन हो गया। उनके निधन के बाद पुलिस फ्रेंड्स ग्रुप और सहकर्मी पुलिसकर्मियों द्वारा उनके परिवार को लगभग 26 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु पुलिस विभाग में वर्ष 2011 में सेवा में आए पुलिसकर्मियों द्वारा एक संगठन बनाया गया था, जिसे ‘2011 ग्रुप ऑफ पुलिसमैन हेल्पिंग हैंड्स’ के नाम से जाना जाता है। यह संगठन उन पुलिसकर्मियों के परिवारों की सहायता करता है, जिनकी ड्यूटी के दौरान या सेवा अवधि में मृत्यु हो जाती है। संगठन का उद्देश्य पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहारा देना और कठिन समय में उनके साथ खड़ा रहना है।

घटना के संबंध में बताया गया कि पिछले वर्ष 27 अगस्त को हेड कांस्टेबल सुंदरराजन को ड्यूटी पर जाते समय अचानक दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था।

इस स्थिति में मदद के लिए ‘2011 बैच पुलिसमैन हेल्पिंग हैंड्स’ और ‘खाकी अम्मा करंगल’ संगठन ने मिलकर सहायता राशि एकत्र की। इस पहल के तहत कुल 25,91,500 रुपये की आर्थिक मदद सुंदरराजन के परिवार को प्रदान की गई। यह राशि नामक्कल जिला पुलिस अधीक्षक एस. विमला के माध्यम से परिवार को सौंपी गई।

पुलिस विभाग के अनुसार, यह सहायता केवल एक व्यक्तिगत पहल नहीं है, बल्कि एक संगठित प्रयास है, जिसका उद्देश्य पुलिस बल के भीतर आपसी सहयोग और मानवीय संवेदना को मजबूत करना है। इस संगठन के माध्यम से अब तक कुल 52 पुलिसकर्मियों के परिवारों को 10,23,75,737 रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

जिला पुलिस अधीक्षक एस. विमला ने इस अवसर पर 2011 बैच के पुलिसकर्मियों की इस मानवीय पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की सहायता न केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहारा देती है, बल्कि पुलिस बल के भीतर एकजुटता और भरोसे को भी मजबूत करती है।

स्थानीय स्तर पर इस पहल की व्यापक प्रशंसा की जा रही है। लोग इसे एक ऐसी मिसाल के रूप में देख रहे हैं, जिसमें सेवा के दौरान अपने साथी के परिवार के लिए आगे आकर पुलिसकर्मियों ने सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है।

यह घटना यह भी दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों में विभागीय सहयोग और मानवीय भावनाएं किसी भी परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकती हैं।

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