तमिलनाडू

Coimbatore : ब्रेन-डेड युवक के अंगदान से पांच मरीजों को नया जीवन मिला

Kavita2
15 May 2026 9:23 AM IST
Coimbatore : ब्रेन-डेड युवक के अंगदान से पांच मरीजों को नया जीवन मिला
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Tamil Nadu तमिलनाडु: कोयंबटूर में एक सड़क हादसे के बाद ब्रेन-डेड हुए 28 वर्षीय युवक के अंगदान से पांच लोगों को नया जीवन मिला है। यह घटना न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, बल्कि मानवता और सामाजिक जागरूकता का भी एक बड़ा उदाहरण बन गई है।

जानकारी के अनुसार, कोयंबटूर जिले के कुरुंबपलायम निवासी महेंद्रन (28) हाल ही में अपनी दोपहिया वाहन से यात्रा करते समय एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने लगातार इलाज के प्रयास किए, लेकिन बुधवार को उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया गया।

ब्रेन-डेड घोषित होने के बाद डॉक्टरों ने परिवार को अंगदान के बारे में जानकारी दी। इस कठिन समय में भी महेंद्रन के परिवार ने एक बड़ा और मानवीय निर्णय लेते हुए उनके अंगों को दान करने की सहमति दी। परिवार के इस फैसले ने कई अन्य लोगों के जीवन को बचाने का रास्ता खोल दिया।

इसके बाद अस्पताल की मेडिकल टीम ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए महेंद्रन के अंगों को सुरक्षित रूप से निकाला। उनके लिवर, दोनों किडनियां, छोटी आंत और आंखें अलग-अलग मरीजों को ट्रांसप्लांट की गईं। ये सभी मरीज अलग-अलग अस्पतालों में गंभीर स्थिति में इलाज करवा रहे थे और लंबे समय से अंग प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे थे।

डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अंगदान और ट्रांसप्लांट प्रक्रिया पूरी होने से सभी पांच मरीजों की हालत में सुधार हुआ है। यह सफल ट्रांसप्लांट कोयंबटूर के मेडिकल क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

अंगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य प्रशासन की ओर से महेंद्रन को श्रद्धांजलि दी गई। अस्पताल परिसर में उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी गई और बाद में उनका शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इस मौके पर चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ ने भी उनके परिवार के साहसिक निर्णय की सराहना की।

इस घटना ने एक बार फिर अंगदान के महत्व को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेन-डेड मरीजों के अंगदान से कई जीवन बचाए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए समाज में जागरूकता और परिवारों की सहमति बेहद जरूरी होती है।

महेंद्रन के परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय कई अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है। स्थानीय स्तर पर लोग इसे एक ऐसी मिसाल मान रहे हैं, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी पांच लोगों को जीवनदान मिला।

कोयंबटूर की यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

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