
विरुधुनगर : तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार सुबह एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। सेंगामालापट्टी के पास एक खेती वाले शेड में चल रही इस कथित अवैध पटाखा यूनिट में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, यह हादसा रविवार सुबह हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हादसे के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि मृतकों में से एक की पहचान 38 वर्षीय रामप्रकाश के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
हादसे में रामप्रकाश के भाई रामचंद्रन भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, रामचंद्रन करीब 60 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पटाखा निर्माण का काम एक खेती वाले शेड में किया जा रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यूनिट के पास पटाखा बनाने की अनुमति थी या नहीं। अवैध रूप से पटाखा निर्माण किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
विरुधुनगर जिला तमिलनाडु में पटाखा उद्योग के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पटाखा निर्माण इकाइयां संचालित होती हैं। हालांकि, समय-समय पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अवैध निर्माण इकाइयों के कारण हादसों की घटनाएं सामने आती रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पटाखा निर्माण में बेहद ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होता है। छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन समय-समय पर ऐसी इकाइयों की जांच करता है, लेकिन कई बार अवैध गतिविधियां सामने आ जाती हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी और खेती वाले इलाकों में इस तरह की गतिविधियां लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस और संबंधित विभाग की टीमें अब घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं। विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यूनिट में किस प्रकार के पटाखे बनाए जा रहे थे और वहां सुरक्षा उपायों की स्थिति क्या थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायल व्यक्ति का इलाज जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह अवैध इकाइयों की पहचान कर उन्हें रोकने के साथ-साथ अधिकृत इकाइयों में भी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।





