तमिलनाडू

गर्भवती महिला की मौत मामले की जांच अब CB-CID करेगी

Kavita2
26 July 2026 2:59 PM IST
गर्भवती महिला की मौत मामले की जांच अब CB-CID करेगी
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चेन्नई : तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में गर्भवती महिला की मौत के मामले में अब जांच क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CB-CID) करेगा। मद्रास हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने मामले की जांच CB-CID को सौंपने का निर्देश जारी किया है।

पुलिस की ओर से रविवार को जारी एक प्रेस नोट में बताया गया कि यह मामला पहले तिरुपथुर टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। मामले को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 (3) के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद 25 जुलाई को औपचारिक रूप से इसकी जांच CB-CID को स्थानांतरित कर दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, अब CB-CID की टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की नए सिरे से जांच करेगी। जांच एजेंसी घटना की परिस्थितियों, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत पड़ताल करेगी।

मामले की जांच CB-CID को सौंपने का फैसला मद्रास हाई कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया है। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को एक स्वतंत्र और विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए जांच स्थानांतरित कर दी।

गर्भवती महिला की मौत का यह मामला सामने आने के बाद इलाके में चिंता और चर्चा का माहौल बना हुआ है। परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। इसी को देखते हुए उच्च न्यायालय ने जांच प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी किए थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि CB-CID को केस से जुड़े सभी दस्तावेज, जांच रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सौंप दी गई हैं। अब नई जांच टीम मामले की समीक्षा करेगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी कर सकती है।

जांच एजेंसी आमतौर पर ऐसे मामलों में घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों की जांच करती है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में भी सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

तमिलनाडु पुलिस ने कहा है कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस विभाग का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

CB-CID को राज्य के गंभीर और संवेदनशील मामलों की जांच के लिए जिम्मेदारी दी जाती है। यह एजेंसी जटिल मामलों में विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार करती है। ऐसे मामलों में जांच का उद्देश्य केवल आरोप तय करना नहीं बल्कि घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार व्यक्तियों तक पहुंचना होता है।

इस मामले में अब सभी की नजर CB-CID की जांच पर है। जांच एजेंसी के सामने यह चुनौती होगी कि वह घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाए और मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट करे।

अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान यदि कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल CB-CID ने मामले की जिम्मेदारी संभाल ली है और प्रारंभिक स्तर पर दस्तावेजों की समीक्षा शुरू की जा रही है।

गौरतलब है कि संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष जांच के लिए कई बार जांच एजेंसी में बदलाव किया जाता है। इस मामले में भी हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जांच का जिम्मा CB-CID को दिया गया है, जिससे जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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