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चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की सांसद और पार्टी की उप महासचिव कनिमोझी ने शनिवार को CJP नेताओं की गिरफ्तारी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी पहले भी CJP नेताओं के समर्थन में खड़ी थी और आगे भी उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन करती रहेगी। कनिमोझी ने कहा कि चेन्नई में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का उनका उद्देश्य आंदोलनकारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करना था।कनिमोझी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में राजनीतिक विवाद बढ़ रहा है। कई विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं।
CJP नेताओं के समर्थन में खुलकर सामने आई DMK
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कनिमोझी ने कहा कि जब CJP के नेताओं को गिरफ्तार किया गया था, तब भी उनकी पार्टी ने उनका समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चेन्नई में आयोजित विरोध प्रदर्शन में वह विशेष रूप से आंदोलनकारियों से मिलने पहुंची थीं।कनिमोझी ने कहा, "जब CJP के नेताओं को गिरफ्तार किया गया था, तब भी हमने उनका समर्थन किया था। कल चेन्नई में हुए विरोध प्रदर्शन में मैं इसलिए गई थी ताकि उनसे मिलकर यह बता सकूं कि हमारी पार्टी और हमारे नेता उनके साथ खड़े हैं।"उन्होंने अपने बयान के जरिए संकेत दिया कि मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर उनकी पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी। चेन्नई में 16 अक्टूबर को आयोजित प्रदर्शन में कनिमोझी ने हिस्सा लिया था।
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग
इस बीच DMK संसदीय दल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। पार्टी ने उनके आचरण की जांच कराने और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को वापस लेने की मांग भी की है।DMK का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी का दावा है कि इससे नागरिकों के संवैधानिक मतदान अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।हालांकि, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी व्यवस्था की शुद्धता सुनिश्चित करना है।
एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
शनिवार को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में DMK सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी प्रमुख एमके स्टालिन ने की। इस दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR प्रक्रिया और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।पार्टी ने प्रस्ताव के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उठ रही मांगों का समर्थन किया।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस में भी विरोध प्रदर्शन किया गया था। CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा मार्च आयोजित किया, लेकिन पुलिस ने निषेधाज्ञा और अनुमति संबंधी नियमों का हवाला देते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में प्राथमिकी भी दर्ज की। वहीं, प्रदर्शनकारी संगठनों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया।
मतदाता अधिकारों को लेकर जारी रहेगा राजनीतिक संघर्ष
DMK का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाया जाना गंभीर विषय है। पार्टी इस मुद्दे पर जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।कनिमोझी के ताजा बयान और DMK के प्रस्ताव के बाद SIR तथा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच मतभेद बने रहने की संभावना है।
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