तमिलनाडू
बेटी से बात करने पर रोक, युवक ने उठाया खौफनाक कदम, मां की हत्या
Rajeshwari Nishad
23 Oct 2026 11:59 PM IST

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चेन्नई। तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। जिले के साथानकुलम के पास मुदलुर गांव में एक युवक ने कथित तौर पर घर में घुसकर 48 वर्षीय महिला की धारदार हथियार से हत्या कर दी। हमले में महिला का पति और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बड़ी बेटी के भी चोटिल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद आरोपी परिवार की दो नाबालिग बेटियों को जबरन अपने साथ ले गया। हालांकि, पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी युवक परिवार की 15 वर्षीय बेटी से संपर्क में था, जिसका परिजन विरोध कर रहे थे। इसी विवाद को हमले की संभावित वजह बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी की पहचान आनंदपुरम निवासी ज्ञानप्रकाश के रूप में की है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
देर रात घर में घुसकर किया हमला
पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार तड़के करीब एक बजे की है।मुदलुर गांव में रहने वाले मुथुकृष्णन का परिवार घर में मौजूद था। इसी दौरान आरोपी ज्ञानप्रकाश कथित तौर पर घर में घुस आया।बताया जा रहा है कि आरोपी ने परिवार के सदस्यों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।हमले के दौरान घर में चीख-पुकार मच गई। महिला और उसके परिवार के सदस्यों को संभलने का अवसर नहीं मिला।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावर परिवार को पहले से जानता था।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना किस प्रकार शुरू हुई और आरोपी ने हमले की तैयारी पहले से की थी या नहीं।
महिला की मौके पर ही मौत
इस हमले में महिला मैरी विजिला की मौत हो गई।रिपोर्टों के अनुसार, महिला की उम्र 48 वर्ष बताई गई है। हालांकि, कुछ शुरुआती रिपोर्टों में उम्र और नाम की वर्तनी अलग दर्ज हुई है।आरोपी ने महिला पर धारदार हथियार से हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।गंभीर चोटों के कारण महिला ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।महिला की मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की।
पति और बेटा गंभीर रूप से घायल
हमले में मृतका के पति मुथुकृष्णन और उनका 12 वर्षीय बेटा भी गंभीर रूप से घायल हुए।जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने हमलावर का विरोध करने और एक-दूसरे को बचाने का प्रयास किया था।इसी दौरान आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया।दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।बाद में उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तिरुनेलवेली सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।रिपोर्टों के अनुसार, परिवार की 15 वर्षीय बड़ी बेटी को भी हमले के दौरान चोटें आई थीं।पुलिस घायलों की स्थिति और घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है।
दो नाबालिग बेटियों को लेकर फरार हुआ आरोपी
घटना का एक और गंभीर पहलू तब सामने आया, जब हमले के बाद परिवार की दो नाबालिग बेटियां लापता मिलीं।शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका हुई कि दोनों लड़कियों का अपहरण किया गया है।बाद में सामने आया कि आरोपी ज्ञानप्रकाश कथित तौर पर दोनों बहनों को अपने साथ आनंदपुरम स्थित घर ले गया था।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू की।स्थानीय पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संभावित स्थानों पर जांच की।आखिरकार दोनों लड़कियों को आरोपी के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
बंद कमरे से सुरक्षित मिलीं दोनों लड़कियां
पुलिस के अनुसार, दोनों नाबालिग लड़कियों को आनंदपुरम क्षेत्र के एक मकान में रखा गया था।तलाशी के दौरान दोनों एक बंद कमरे में मिलीं।पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराया।इस कार्रवाई के बाद परिवार के अन्य सदस्यों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।दोनों बच्चियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस की आगे की कार्रवाई में उनकी पहचान और निजी जानकारी गोपनीय रखना आवश्यक है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़कियों को जबरन ले जाने के दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने आरोपी की सहायता की थी या नहीं।
15 वर्षीय बेटी से संपर्क का परिवार करता था विरोध
पुलिस की जांच में हमले की संभावित वजह को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।आरोपी ज्ञानप्रकाश परिवार की 15 वर्षीय बेटी से संपर्क में था।पुलिस के अनुसार, परिवार ने युवक के साथ नाबालिग बेटी के संबंधों का विरोध किया था।इसके बाद लड़की ने भी आरोपी से बातचीत बंद कर दी थी।
बताया जा रहा है कि इसी बात से आरोपी नाराज था।
जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इसी विवाद के चलते उसने परिवार को निशाना बनाया।हालांकि, हमले की वास्तविक मंशा और पूरी परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण जांच के बाद होगा।
आरोपी ज्ञानप्रकाश गिरफ्तार
पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार युवक की पहचान ज्ञानप्रकाश के रूप में हुई है, जो आनंदपुरम इलाके का निवासी है।रिपोर्टों के अनुसार, वह पराठा बनाने का काम करता था।पुलिस ने बताया कि हमले के बाद आरोपी दोनों लड़कियों को लेकर अपने घर चला गया था।लड़कियों की बरामदगी के बाद आरोपी की तलाश तेज की गई और उसे पकड़ लिया गया।पुलिस उससे घटना की परिस्थितियों, इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।आरोपी के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमले और अपहरण से संबंधित आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच
घटना की जानकारी मिलने पर थट्टारमदम थाना पुलिस ने जांच शुरू की।पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की।घायल व्यक्तियों के बयान और अन्य प्रत्यक्ष साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी के साथ घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।शुरुआती रिपोर्टों में एक से अधिक हमलावरों की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद की पुलिस जांच में ज्ञानप्रकाश को मुख्य आरोपी बताया गया है।अंतिम निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर निकलेगा।
घटना के बाद महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
मुदलुर गांव में हुई इस घटना ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।एक परिवार के घर में घुसकर हमला करना और उसके बाद दो नाबालिग लड़कियों को जबरन ले जाना गंभीर आपराधिक घटनाएं हैं।इस वारदात के बाद राजनीतिक स्तर पर भी कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं।विपक्षी नेताओं ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई के साथ पीड़ित परिवार को उपचार, कानूनी सहायता और आवश्यक मानसिक सहयोग उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।
नाबालिगों की सुरक्षा को प्राथमिकता
पुलिस द्वारा दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया जाना इस मामले की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।हालांकि, इस घटना में परिवार को गंभीर क्षति पहुंची है।
महिला की मौत और परिवार के अन्य सदस्यों के घायल होने के बाद बच्चियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है।बाल संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों के तहत नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।इसके अलावा पीड़ित परिवार को किसी भी तरह के दबाव से बचाना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना आवश्यक है।
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