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तमिलनाडु उपचुनाव से पहले CPI(M) का TVK पर बड़ा आरोप, वोट के बदले पैसे बांटने का दावा

Kavita2
2 Oct 2026 11:03 AM IST
तमिलनाडु उपचुनाव से पहले CPI(M) का TVK पर बड़ा आरोप, वोट के बदले पैसे बांटने का दावा
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चेन्नई। तमिलनाडु में 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राज्य की TVK सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPI(M) ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकद राशि बांटने का आरोप लगाया है। CPI(M) के प्रदेश सचिव पी. षणमुगम ने दावा किया कि उपचुनाव वाले क्षेत्रों में कई दलों की ओर से मतदाताओं को पैसे दिए जाने की शिकायतें मिल रही हैं और इनमें TVK पर सबसे अधिक रकम बांटने के आरोप सामने आए हैं। हालांकि ये आरोप CPI(M) की ओर से लगाए गए हैं और TVK ने वोट खरीदने में शामिल होने से इनकार किया है।

मदुरंतकम और धारापुरम दोनों आरक्षित विधानसभा क्षेत्र हैं और यहां 6 अक्टूबर को मतदान होना है। CPI(M) और CPI ने इस उपचुनाव में सत्तारूढ़ TVK से अलग होकर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। CPI(M) ने मदुरंतकम से पी. सुगंती को उम्मीदवार बनाया है, जबकि CPI ने धारापुरम सीट से पी. लक्ष्मणन को मैदान में उतारा है। दोनों वाम दल TVK सरकार को बाहर से समर्थन देते हैं, लेकिन उपचुनाव में अलग राजनीतिक मोर्चे के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।

चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए CPI(M) के प्रदेश सचिव पी. षणमुगम ने कहा कि चुनाव अधिकारियों को मतदाताओं को कथित रूप से पैसे और अन्य प्रलोभन दिए जाने की शिकायतों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने उन राजनीतिक दलों के नेताओं से भी जवाब मांगा जिन पर मतदाताओं को पैसे देने के आरोप लग रहे हैं। षणमुगम ने कहा कि ऐसी शिकायतों की जांच कर चुनाव आयोग को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

षणमुगम के मुताबिक वह 30 सितंबर को मदुरंतकम विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में CPI(M) के लिए प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि वहां कुछ मतदाताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि दूसरी पार्टियां पैसे बांट रही हैं, जबकि CPI(M) केवल पर्चे दे रही है। षणमुगम के अनुसार जब उन्होंने लोगों से पूछा कि किन पार्टियों की ओर से पैसे दिए गए हैं तो कुछ मतदाताओं ने TVK का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उसकी ओर से सबसे ज्यादा रकम दी गई।

CPI(M) नेता ने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव प्रचार के दौरान अपने विचार, नीतियां और जनहित के मुद्दे लोगों तक पहुंचा रही है। उनका कहना था कि वाम दल वोट हासिल करने के लिए पैसे नहीं देते और अपने राजनीतिक कार्यक्रमों तथा जनता से जुड़े संघर्षों के आधार पर समर्थन मांगते हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं ने उनसे भी पैसे देने की मांग की, लेकिन CPI(M) कार्यकर्ताओं ने इससे इनकार किया।

षणमुगम ने मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय के चुनावी रुख का भी जिक्र किया। उनके अनुसार विजय ने अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी को वोट के बदले पैसे न देने वाली राजनीतिक ताकत के रूप में पेश किया था और उपचुनाव अभियान में भी ऐसी ही बात दोहराई जा रही है। इसके बावजूद CPI(M) नेता ने दावा किया कि जमीनी स्तर से मिल रही शिकायतें इससे अलग तस्वीर पेश कर रही हैं। यह CPI(M) का आरोप है और स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

CPI के प्रदेश सचिव एम. वीरपांडियन ने भी चुनाव में कथित नकद वितरण को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK, AIADMK और TVK ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं का आकलन करने और उन्हें प्रभावित करने के लिए अपनी टीमें भेजी हैं। CPI और CPI(M) दोनों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसे के इस्तेमाल के खिलाफ चुनाव अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

यह राजनीतिक विवाद इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि CPI(M) और CPI मौजूदा TVK सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। वाम दल सरकार में शामिल नहीं हैं और न ही उन्होंने TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन का औपचारिक हिस्सा बनने का फैसला किया है। इसके बावजूद उनके समर्थन के कारण सरकार को राजनीतिक स्थिरता मिली हुई है। अब उपचुनाव में दोनों वाम दल TVK के खिलाफ अलग-अलग उम्मीदवार उतारकर चुनावी मुकाबले में हैं।

मदुरंतकम सीट पर CPI(M) और TVK समेत कई दलों के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि धारापुरम में CPI और सत्तारूढ़ दल के बीच भी मुकाबला है। उपचुनाव को लेकर प्रचार तेज हो चुका है और राजनीतिक दल मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार सभाएं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। इसी बीच वोटरों को कथित रूप से नकद राशि देने के आरोपों ने चुनावी बहस को नया मुद्दा दे दिया है।

TVK की ओर से वोट खरीदने के आरोपों को खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं ने इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया है। ऐसे में CPI(M) के आरोप और TVK के इनकार के बीच अब चुनाव अधिकारियों की कार्रवाई और किसी औपचारिक जांच पर नजर रहेगी।

षणमुगम ने कहा है कि कथित ‘कैश फॉर वोट’ मामले को लेकर चुनाव अधिकारियों के समक्ष औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि मतदाताओं को किसी भी प्रकार का प्रलोभन देने की कोशिशों को रोका जाए और यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।

6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले अब मदुरंतकम और धारापुरम दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है। एक तरफ राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर नकद वितरण के आरोपों ने निष्पक्ष चुनाव और चुनावी आचार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल CPI(M) के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और चुनाव अधिकारियों की ओर से किसी अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।

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