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चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) समेत अन्य नेताओं के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में दर्ज मामले को रद्द कर दिया है।
यह मामला अक्टूबर 2022 का है। अन्नाद्रमुक ने 19 अक्टूबर 2022 को चेन्नई के वल्लुवर कोट्टम में पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में भूख हड़ताल आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा से अन्नाद्रमुक विधायकों को निष्कासित किए जाने के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी।
हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद एडप्पादी के. पलानीस्वामी, पूर्व मंत्रियों और पार्टी विधायकों ने वल्लुवर कोट्टम में बिना अनुमति के प्रदर्शन किया। इस मामले में नुंगमबक्कम पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस का आरोप था कि प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हुआ। मामले को रद्द कराने की मांग को लेकर एडप्पादी के. पलानीस्वामी और अन्नाद्रमुक के अन्य पदाधिकारियों ने मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में दलील दी गई कि मामला राजनीतिक दुर्भावना से दर्ज किया गया था और प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई थी।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि लोकतांत्रिक तरीके से किए गए प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ इस तरह की आपराधिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती। उन्होंने अदालत से 2022 में दर्ज मामले को रद्द करने का अनुरोध किया। मामले की सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने एडप्पादी के. पलानीस्वामी और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने का आदेश दिया।
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