
Tamil Nadu तमिलनाडु: कांग्रेस पार्टी के भीतर तमिलनाडु में टिकट वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करूर से सांसद एस. जोथिमणि ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवार चयन और निर्वाचन क्षेत्रों के बंटवारे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
एस. जोथिमणि ने कहा कि पार्टी में उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और कई स्थानों पर पहले से तय नामों के आधार पर ही निर्वाचन क्षेत्रों का आवंटन किया गया। उन्होंने इसे गंभीर संगठनात्मक समस्या बताया।
सांसद ने आरोप लगाया कि ‘सर्वे’ के नाम पर अंदरूनी स्तर पर भारी गड़बड़ियां हुई हैं। उनके अनुसार, लंबे समय से पार्टी की सेवा कर रहे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और जीतने की वास्तविक क्षमता रखने वाले नेताओं को नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि ऐसे लोगों को टिकट दिए गए जिनकी जीत की संभावना कम थी या जो पार्टी से नए जुड़े थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने के बाद बाद में वे या तो पार्टी से अलग हो गए या चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय नहीं रहे। इस स्थिति ने पार्टी की रणनीति और चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मुद्दे पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसे उम्मीदवारों को टिकट किस आधार पर दिया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
पार्टी के भीतर उठे इस तरह के आरोपों ने संगठनात्मक स्तर पर असंतोष की स्थिति को उजागर किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टिकट वितरण को लेकर असहमति अक्सर चुनावी तैयारियों को प्रभावित करती है और इससे पार्टी की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि इस मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, एस. जोथिमणि के आरोपों ने तमिलनाडु कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे चुनावी रणनीति को लेकर पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।





