
Tamil Nadu तमिलनाडु: इस वर्ष NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और उसके बाद टेस्ट कैंसिल होने को लेकर बनी अनिश्चितता का असर अब छात्रों के करियर विकल्पों पर साफ दिखाई दे रहा है। मेडिकल प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग कोर्स की ओर रुख कर रहे हैं।
तमिलनाडु में इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तमिलनाडु इंजीनियरिंग एडमिशन (Tamil Nadu Engineering Admissions) प्रक्रिया पर देखा जा रहा है, जहां इस साल रजिस्ट्रेशन 2.5 लाख से अधिक पार कर चुका है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक माना जा रहा है और छात्रों के बीच इंजीनियरिंग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
TNEA एक पूरी तरह ऑनलाइन और सिंगल-विंडो काउंसलिंग सिस्टम है, जिसे अन्ना यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित किया जाता है। इसके माध्यम से राज्य में B.E. और B.Tech. जैसे अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन दिया जाता है। खास बात यह है कि इसमें किसी प्रवेश परीक्षा की आवश्यकता नहीं होती और चयन पूरी तरह कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर किया जाता है।
डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (DOTE) के सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 3 मई से शुरू की गई थी। शुरुआती दिनों से ही आवेदन की रफ्तार तेज रही, जिससे रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NEET से जुड़ी अनिश्चितता और मेडिकल सीटों को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने छात्रों को वैकल्पिक करियर विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे में इंजीनियरिंग कोर्स एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, तमिलनाडु की पारदर्शी और सरल काउंसलिंग प्रणाली भी छात्रों को आकर्षित कर रही है, क्योंकि इसमें प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होती है और किसी अलग परीक्षा का दबाव नहीं रहता।
राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में रजिस्ट्रेशन संख्या और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कई छात्र अंतिम समय में आवेदन करते हैं। इसके साथ ही काउंसलिंग प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
कुल मिलाकर, NEET से जुड़ी अनिश्चितता के बीच तमिलनाडु में इंजीनियरिंग शिक्षा की ओर बढ़ता यह रुझान शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, जहां छात्र अब अधिक स्थिर और विकल्प-आधारित करियर की ओर देख रहे हैं।





