तमिलनाडू

चेन्नई में बच्चों की नाश्ता योजना का विस्तार मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने छात्रों को परोसा मीठा पोंगल

Kavita2
22 Sept 2026 3:38 PM IST
चेन्नई में बच्चों की नाश्ता योजना का विस्तार मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने छात्रों को परोसा मीठा पोंगल
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चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने मंगलवार सुबह चेन्नई के तिरुवनमियूर स्थित गांधी ग्रामम के चेन्नई माध्यमिक स्कूल में स्कूली बच्चों के लिए नाश्ता योजना के विस्तार की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों को मीठा पोंगल परोसा और बाद में उनके साथ जमीन पर बैठकर नाश्ता भी किया। उन्होंने स्कूल की कक्षाओं का निरीक्षण किया और बच्चों से बातचीत कर योजना के तहत मिलने वाले भोजन के बारे में जानकारी ली।

नाश्ता योजना के विस्तार के उद्घाटन के मौके पर विद्यार्थियों को मीठा पोंगल, पोंगल और सांभर परोसा गया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे पूछा कि उन्हें खाना कैसा लगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्कूल की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों से जुड़ी सुविधाओं का भी जायजा लिया।


छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर किया नाश्ता

मुख्यमंत्री के स्कूल पहुंचने के बाद नाश्ता योजना के विस्तार का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के बीच जाकर उनसे बातचीत की। बच्चों को भोजन परोसने के बाद मुख्यमंत्री खुद भी उनके साथ जमीन पर बैठ गए।

मुख्यमंत्री ने छात्रों से भोजन के बारे में पूछा और यह जानने की कोशिश की कि उन्हें परोसा गया नाश्ता पसंद आया या नहीं। बच्चों के साथ सीधे संवाद के दौरान उन्होंने स्कूल और पढ़ाई से जुड़ी बातों की भी जानकारी ली।

कार्यक्रम में बच्चों को पारंपरिक दक्षिण भारतीय भोजन के तहत मीठा पोंगल, पोंगल और सांभर परोसा गया।

स्कूल की कक्षाओं का भी किया निरीक्षण

नाश्ता करने के अलावा मुख्यमंत्री ने स्कूल की कक्षाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल परिसर में उपलब्ध सुविधाओं को देखा और विद्यार्थियों के बीच जाकर स्थिति का जायजा लिया।

स्कूल के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों और शिक्षकों से बातचीत की। नाश्ता योजना के विस्तार के साथ स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और भोजन की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया।

नाश्ता योजना का हुआ विस्तार

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों के लिए पहले से संचालित नाश्ता योजना का विस्तार करना था। योजना के तहत विद्यार्थियों को स्कूल के समय पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

सरकार की ओर से ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को स्कूल आने के दौरान भोजन उपलब्ध कराना और उनकी पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखना है। स्कूल में नाश्ता मिलने से विद्यार्थियों को सुबह भोजन की सुविधा मिलती है।

चेन्नई में योजना के विस्तार के मौके पर मुख्यमंत्री ने खुद बच्चों के बीच पहुंचकर भोजन परोसा।

बच्चों से सीधे लिया फीडबैक

मुख्यमंत्री ने नाश्ता करते समय छात्रों से बातचीत की और उनसे पूछा कि भोजन उन्हें पसंद आया या नहीं। इस दौरान बच्चों ने भोजन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

बच्चों से सीधे बातचीत करना कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा। इससे मुख्यमंत्री को योजना के तहत परोसे जा रहे भोजन के बारे में छात्रों की प्रतिक्रिया जानने का अवसर मिला।

स्कूल में भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की पसंद से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया योजना के संचालन में उपयोगी हो सकती है।

सोशल मीडिया पर भी सामने आई प्रतिक्रियाएं

मुख्यमंत्री के छात्रों के साथ जमीन पर बैठकर नाश्ता करने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा किए गए। इसके बाद कई यूजर्स ने इस कदम पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने मुख्यमंत्री के बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने की सराहना की। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कदम लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल कर रहा है। वहीं दूसरे यूजर ने इसे प्रशासन में जवाबदेही से जोड़ते हुए अपनी राय रखी।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के स्कूलों में अचानक पहुंचने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। हालांकि ये टिप्पणियां सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं और इन्हें स्वतंत्र मूल्यांकन के रूप में नहीं देखा जा सकता।

अचानक स्कूल पहुंचने की चर्चा

मुख्यमंत्री के स्कूल निरीक्षण को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हुई। कुछ यूजर्स ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी से जोड़ा।

अचानक निरीक्षण के जरिए किसी सरकारी योजना की वास्तविक स्थिति का मौके पर आकलन किया जा सकता है। हालांकि इस कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अनियमितता मिलने या कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

मुख्यमंत्री ने स्कूल की कक्षाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से बातचीत की।

भोजन की गुणवत्ता पर रहा ध्यान

स्कूली नाश्ता योजना में भोजन की गुणवत्ता महत्वपूर्ण विषय है। बच्चों को ऐसा भोजन उपलब्ध कराया जाना जरूरी है जो स्वाद के साथ उनकी पोषण संबंधी जरूरतों को भी पूरा करे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं बच्चों के साथ भोजन किया। छात्रों से भोजन पसंद आने के बारे में पूछकर उन्होंने उनकी प्रतिक्रिया भी जानी।

इस तरह के संवाद से भोजन की गुणवत्ता और बच्चों की पसंद से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

स्कूल में बच्चों के साथ संवाद

मुख्यमंत्री ने केवल योजना के औपचारिक उद्घाटन तक कार्यक्रम को सीमित नहीं रखा। उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और स्कूल की स्थिति देखी।

बच्चों के साथ सीधे संवाद के दौरान स्कूल में पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी ली गई। मुख्यमंत्री के इस दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।

नाश्ता योजना से विद्यार्थियों को सुविधा

स्कूल में सुबह के समय नाश्ता मिलने से विद्यार्थियों को दिन की शुरुआत भोजन के साथ करने की सुविधा मिलती है। सरकार की ओर से संचालित इस तरह की योजनाओं का एक उद्देश्य स्कूली बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद करना भी है।

योजना के विस्तार के साथ अधिक विद्यार्थियों तक नाश्ता पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में तय मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाता है।

चेन्नई के गांधी ग्रामम स्थित स्कूल में विस्तार की शुरुआत के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के संचालन को मौके पर देखा।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ साझा किया भोजन

कार्यक्रम का सबसे प्रमुख दृश्य मुख्यमंत्री का बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर नाश्ता करना रहा। उन्होंने छात्रों को भोजन परोसा और फिर उनके साथ बैठकर खुद भी नाश्ता किया।

उन्होंने बच्चों से पूछा कि भोजन उन्हें कैसा लगा। छात्रों के साथ इस बातचीत के दौरान स्कूल का माहौल भी सहज नजर आया।

फिलहाल नाश्ता योजना के विस्तार की शुरुआत के साथ चेन्नई में स्कूली बच्चों के लिए भोजन सुविधा का दायरा बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान छात्रों को मीठा पोंगल, पोंगल और सांभर परोसा गया।

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