
Chennai चेन्नई, 22 जुलाई: सत्ताधारी पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) ने मंगलवार को 'नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट' (NEET) का कड़ा विरोध दोहराया। पार्टी ने इसे पूरी तरह खत्म करने और मेडिकल शिक्षा पर राज्यों को ज़्यादा अधिकार देने की मांग की।
पार्टी ने एक बयान में कहा कि उसका रुख "अटल" है। उसका तर्क है कि सेंट्रलाइज़्ड एंट्रेंस टेस्ट राज्यों के अधिकारों को कमज़ोर करता है और छात्रों को नुकसान पहुंचाता है। पार्टी ने शिक्षा को संविधान की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) से हटाकर 'राज्य सूची' (State List) में शामिल करने की भी मांग की। ऐसा होने पर शिक्षा नीति पर राज्यों का पूरा नियंत्रण हो जाएगा। पार्टी ने विपक्षी दल 'द्रविड़ मुनेत्र कझगम' (DMK) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह NEET को खत्म करने के अपने पुराने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है।
TVK की यह नई मांग ऐसे समय में आई है जब पूरे राज्य में छात्र लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों ने तमिलनाडु में NEET के भविष्य और शिक्षा के मामले में केंद्र व राज्य सरकारों के बीच अधिकारों के संतुलन को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज़ कर दिया है।





