तमिलनाडू

Chennai : एंटी-डोपिंग दिवस पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता मैराथन का किया उद्घाटन और लिया हिस्सा

Kavita2
26 Jun 2026 9:12 AM IST
Chennai : एंटी-डोपिंग दिवस पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता मैराथन का किया उद्घाटन और लिया हिस्सा
x

Tamil Nadu तमिलनाडु: चेन्नई में अंतर्राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग दिवस के अवसर पर नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आज 26 जून को तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण की ओर से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना रहा।

इस जागरूकता मैराथन का मुख्य आयोजन चेन्नई के कामराजार सलाई स्थित अन्ना मेमोरियल के पास किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री S. Joseph Vijay ने किया। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागी, खेल अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और वातावरण में उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने उद्घाटन के बाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के साथ नशीली दवाओं के उन्मूलन का संकल्प दिलाया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह शपथ ली कि वे नशीली दवाओं से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे। यह संकल्प कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने उपस्थित लोगों पर गहरा प्रभाव डाला।

इसके बाद मैराथन दौड़ की शुरुआत की गई, जिसमें मुख्यमंत्री S. Joseph Vijay ने स्वयं भी भाग लिया। उन्होंने जन-रैली के स्वरूप में दौड़ में हिस्सा लेकर लोगों के बीच दौड़ते हुए जागरूकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री का इस तरह सीधे जनता के साथ दौड़ में शामिल होना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बना रहा। इससे युवाओं और प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखा गया।

इस अवसर पर कई वरिष्ठ मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें मंत्री अधव अर्जुन, एन. आनंद, मारिया विल्सन और वेंकटरामनन शामिल थे। इनके अलावा राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), चेन्नई पुलिस आयुक्त, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।

मैराथन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए पानी, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। आयोजन स्थल पर चिकित्सा दल और सुरक्षा कर्मी लगातार सक्रिय रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस तरह की आदतों से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार लगातार इस दिशा में जागरूकता अभियान चला रही है और आगे भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

मैराथन में शामिल लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। प्रतिभागियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में एक मजबूत संदेश देते हैं और युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करते हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि जब राज्य का शीर्ष नेतृत्व स्वयं इस प्रकार के कार्यक्रम में शामिल होता है, तो इसका प्रभाव और अधिक व्यापक हो जाता है।

अन्ना मेमोरियल के आसपास का पूरा क्षेत्र इस दौरान एक बड़े जन-आंदोलन जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। बड़ी संख्या में छात्र, खिलाड़ी, युवा समूह और सामाजिक संगठनों के सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने मिलकर नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में सहयोग का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की जागरूकता गतिविधियां आगे भी जारी रहेंगी। उनका कहना था कि खेल और फिटनेस के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। ऐसे आयोजनों से समाज में स्वास्थ्य और अनुशासन की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। जब तक सभी लोग मिलकर इस दिशा में प्रयास नहीं करेंगे, तब तक नशे जैसी समस्या को पूरी तरह समाप्त करना संभव नहीं होगा। चेन्नई में आयोजित यह मैराथन इसी सामूहिक प्रयास और जागरूकता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया।

Next Story