सिक्किम

Sikkim के उटेरे में ‘रूरल हैप्पीनेस प्रोग्राम’, स्वास्थ्य और सामुदायिक तालमेल पर जोर

Harrison
3 May 2026 8:26 PM IST
Sikkim  के उटेरे में ‘रूरल हैप्पीनेस प्रोग्राम’, स्वास्थ्य और सामुदायिक तालमेल पर जोर
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Sikkim सिक्किम: सिक्किम के उटेरे क्षेत्र के मानेबोंग शिमफोक में Art of Living Foundation द्वारा एक विशेष “रूरल हैप्पीनेस प्रोग्राम” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और समुदाय के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना था।
इस पहल को आर्ट ऑफ लिविंग के वॉलंटियर Zangmu Sherpa ने आयोजित किया। कार्यक्रम के संचालन और प्रशिक्षण में टीचर Kalpana Subba, Meena Sharma और Dr. Sandeep MK ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जहां विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया।
रूरल हैप्पीनेस प्रोग्राम के तहत प्रतिभागियों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों से परिचित कराया गया। इसमें योग, प्राणायाम, ध्यान और तनाव प्रबंधन से संबंधित सत्र शामिल थे। आयोजकों के अनुसार, इन अभ्यासों का उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में संतुलन बनाए रखने और मानसिक शांति हासिल करने में मदद करना है।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक सहयोग और आपसी समझ बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को समूह गतिविधियों के माध्यम से एक-दूसरे के साथ संवाद करने और मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे गांव के लोगों के बीच बेहतर संबंध और सहयोग की भावना विकसित करने की कोशिश की गई।
टीम के सदस्यों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन से जुड़े संसाधनों की कमी होती है। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम लोगों को सरल और व्यावहारिक तरीके सिखाते हैं, जिनसे वे अपने जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भी इसे उपयोगी बताया और कहा कि उन्हें नई चीजें सीखने का अवसर मिला।
इस पहल का एक उद्देश्य यह भी था कि ग्रामीण समुदाय को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाए। आयोजकों ने लोगों को दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने, तनाव कम करने और स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि इस तरह की गतिविधियां उनके लिए नई और उपयोगी रहीं। कई लोगों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की।
इस आयोजन ने न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का काम किया, बल्कि समुदाय के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी संबंधों को भी मजबूत किया। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक कदम के रूप में देखी जा रही है।
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