राजस्थान
राजस्थान में बारिश से बदला मौसम, 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी
Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 5:34 PM IST

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जयपुर। राजस्थान में दिवाली से पहले मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और बारिश के साथ मेघगर्जन का दौर जारी है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को मौसम विभाग ने जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट देखने को मिली है। कई स्थानों पर तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान और एक नवंबर से पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सप्ताह प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं।
पांच संभागों में बारिश और मेघगर्जन का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, शुक्रवार को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में मौसम की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। सामान्यतः अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने लगता है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के प्रभाव से बारिश की परिस्थितियां बनी हैं।मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जयपुर और भरतपुर में विशेष सतर्कता
राजधानी जयपुर और भरतपुर संभाग में मौसम का असर अधिक देखने को मिल सकता है। पिछले दिनों दोनों संभागों के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई थी।मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर के दौरान कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया था।हवा की रफ्तार कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।हालांकि, यह चेतावनी सभी जिलों में भारी बारिश होने का संकेत नहीं है। कुछ इलाकों में केवल बादल छाए रह सकते हैं, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
तापमान में दो से पांच डिग्री तक गिरावट
बारिश और बादलों के कारण राजस्थान के कई हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली है।मौसम विभाग के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य या हाल के स्तर की तुलना में लगभग दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।इससे दिन के समय गर्मी से राहत मिल रही है। बादल छाए रहने और हवाएं चलने के कारण मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो रहा है।हालांकि, तापमान में यह गिरावट सभी जिलों में एक समान नहीं है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान अपेक्षाकृत अधिक बना रह सकता है।मौसम साफ होने के बाद दिन के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रात और सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रहने के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती प्रभाव से बदला मौसम
राजस्थान में इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख मौसमी परिस्थितियां बताई जा रही हैं।बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद वातावरण में नमी बनी हुई है। इसके साथ उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने भी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा की हैं।मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ से संबंधित एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हुआ है।इन मौसमी परिस्थितियों के कारण पूर्वी राजस्थान में बादलों की आवाजाही और बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि चक्रवाती तूफान सीधे राजस्थान पहुंच गया है। राज्य में बारिश की स्थिति अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बनी है।
इन जिलों में मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा अलर्ट के अनुसार, अजमेर, अलवर, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, टोंक और उदयपुर में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ बिजली गिरने की आशंका है।इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं।मौसम विभाग ने वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। खासतौर पर खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना के दौरान सुरक्षित भवन में रहना बेहतर है।
31 अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान में राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार, 31 अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में 29 और 30 अक्टूबर को बादल तथा हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी।लेकिन शनिवार से इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं।जैसलमेर, बाड़मेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के अधिकांश हिस्सों में पहले से ही मौसम शुष्क बना हुआ है।बारिश की गतिविधियां कम होने पर दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
एक नवंबर से पूर्वी राजस्थान में भी साफ होगा मौसम
पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में 31 अक्टूबर को भी हल्की बारिश होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।हालांकि, रविवार, एक नवंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम रहने का पूर्वानुमान है।जयपुर के लिए उपलब्ध ताजा मौसम पूर्वानुमान में भी 31 अक्टूबर को बारिश की संभावना कम और एक नवंबर से मुख्यतः साफ मौसम के संकेत मिल रहे हैं।आगामी सप्ताह में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने से दिवाली की तैयारियों और बाजारों की गतिविधियों को राहत मिल सकती है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान में स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है, इसलिए लोगों को ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
किसानों के लिए बारिश बनी चिंता का कारण
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ी है।कई इलाकों में खरीफ फसलों की कटाई चल रही है, जबकि कुछ किसान रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे हैं।ऐसे समय पर तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में तैयार फसल प्रभावित हो सकती है।कटाई के बाद खुले में रखी उपज के भीगने और खेतों में पानी जमा होने से किसानों को अतिरिक्त परेशानी हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि किसान तैयार उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और बारिश की स्थिति में अनावश्यक सिंचाई से बचें।खेतों में पानी जमा होने पर निकासी की व्यवस्था करना भी उपयोगी हो सकता है।हालांकि, राजस्थान में इस बारिश से हुए वास्तविक कृषि नुकसान का अंतिम आधिकारिक आकलन अभी उपलब्ध नहीं है।
दिवाली से पहले मौसम होगा साफ?
राजस्थान में दिवाली आठ नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। ऐसे में बाजारों में खरीदारी और त्योहार की तैयारियां तेज होने लगी हैं।मौसम विभाग के मौजूदा पूर्वानुमान के अनुसार, नवंबर की शुरुआत में प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।इससे त्योहार की तैयारी कर रहे लोगों और कारोबारियों को राहत मिल सकती है।हालांकि, पूरे दिवाली सप्ताह के मौसम के बारे में अभी निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।फिलहाल राजस्थान में 30 अक्टूबर को बारिश और मेघगर्जन का असर बना हुआ है, लेकिन 31 अक्टूबर से पश्चिमी तथा एक नवंबर से पूर्वी राजस्थान में मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
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