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करवाचौथ की रात पति-पत्नी की मौत, कुछ घंटों के अंतराल में उजड़ा परिवार

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में करवाचौथ की रात एक युवा दंपती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के बरखेड़ा बोंदर गांव में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की रात 22 वर्षीय शिवानी अहिरवार और उनके 26 वर्षीय पति सूरज अहिरवार की मौत हो गई। दोनों ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। परिजनों के अनुसार, करवाचौथ के अवसर पर पति-पत्नी ने साथ में पूजा-अर्चना की और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला था। इसके कुछ घंटों बाद शिवानी अपने घर के कमरे में मृत मिलीं। बाद में सूरज का शव भी घर से करीब 100 मीटर दूर मिला। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर नाराजगी की जानकारी सामने आई है, लेकिन दोनों की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरखेड़ा बोंदर गांव के रहने वाले सूरज अहिरवार खेती-किसानी के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी शिवानी घर की जिम्मेदारियां संभालती थीं। दोनों ने लगभग पांच वर्ष पहले अपनी पसंद से शादी की थी।
परिजनों ने बताया कि करवाचौथ के अवसर पर शिवानी ने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखा था। एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, सूरज ने भी पत्नी के साथ व्रत रखा था। शाम को दोनों ने परंपरागत तरीके से पूजा की और चंद्रमा के दर्शन के बाद साथ में व्रत खोला।
त्योहार की रस्में पूरी होने के बाद पति-पत्नी ने एक साथ भोजन किया। परिवार के अन्य सदस्य भी घर में मौजूद थे। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों के भीतर परिवार को इतनी बड़ी त्रासदी का सामना करना पड़ेगा।
परिजनों के मुताबिक, रात करीब साढ़े 11 बजे सूरज पत्नी को बिना बताए घर से बाहर चले गए। बताया जा रहा है कि करवाचौथ के दिन पति के इस तरह घर से चले जाने से शिवानी नाराज थीं।
हालांकि पति-पत्नी के बीच उस समय क्या बातचीत हुई थी और क्या किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
रात करीब ढाई बजे सूरज वापस घर लौटे। उन्होंने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कई बार आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुलने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई।
इसके बाद परिवार के सदस्यों को जानकारी दी गई। कमरे के भीतर शिवानी मृत अवस्था में मिलीं। यह देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।
पत्नी की मौत की जानकारी मिलने के बाद सूरज भी घर से बाहर चले गए। जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
सुबह करीब पांच बजे सूरज का शव घर से लगभग 100 मीटर दूर एक पेड़ के पास मिला। एक ही रात में पति-पत्नी की मौत की जानकारी सामने आने के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही खजूरी सड़क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से प्रारंभिक जानकारी प्राप्त की।
दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
पुलिस ने दोनों मौतों के संबंध में मर्ग कायम किया है। जांच के दौरान परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
खजूरी थाने के एसआई बनवारी लाल के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि पति के बिना बताए घर से बाहर जाने पर शिवानी नाराज थीं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
हालांकि किसी नाराजगी या पारिवारिक विवाद को दोनों की मौत का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
पुलिस को दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
जानकारी के अनुसार, शिवानी और सूरज ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। शादी के करीब पांच साल बाद भी दंपती की कोई संतान नहीं थी।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि संतान नहीं होने के कारण शिवानी मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। हालांकि इस संबंध में किसी चिकित्सकीय रिकॉर्ड या आधिकारिक जांच निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में उनकी मृत्यु को केवल संतान नहीं होने या किसी एक पारिवारिक परिस्थिति से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।
परिवार में हुई दोनों मौतों से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं। घटना की जानकारी फैलने के बाद आसपास के लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और संवेदना व्यक्त की।
एक ही परिवार के दो युवा सदस्यों की अचानक मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। कुछ घंटे पहले जिन दोनों ने साथ में त्योहार मनाया था, शुक्रवार सुबह उनकी मृत्यु की खबर सामने आने से गांव में मातम पसर गया।
इस घटना ने पारिवारिक संबंधों के साथ मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक परेशानियों के समय सहायता उपलब्ध होने के महत्व की ओर भी ध्यान दिलाया है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहे व्यक्ति को बिना किसी निर्णय या आरोप के सुनना महत्वपूर्ण होता है। परिवार, मित्रों और विश्वसनीय लोगों के साथ संवाद बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर सहायता प्राप्त करने से संकट के समय सहयोग मिल सकता है।
हालांकि किसी व्यक्ति की आत्महत्या के पीछे केवल एक कारण नहीं होता। ऐसे मामलों में व्यक्तिगत, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य कारकों की जटिल भूमिका हो सकती है।
इसलिए किसी घटना के बाद अनुमान के आधार पर जिम्मेदारी तय करना या उसे एक ही विवाद का परिणाम बताना गलत निष्कर्ष पैदा कर सकता है।
भोपाल की इस घटना में भी पुलिस की जांच पूरी होने तक पति-पत्नी की मौत के पीछे किसी एक कारण को निश्चित नहीं माना जा सकता।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि करवाचौथ की रात दोनों के बीच क्या घटनाक्रम हुआ और अंतिम समय में क्या परिस्थितियां बनी थीं।
इसके लिए परिजनों के बयान और घटनास्थल से मिले अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
फिलहाल बरखेड़ा बोंदर गांव में शिवानी और सूरज अहिरवार की मौत से शोक का माहौल बना हुआ है। वर्ष 2021 में प्रेम विवाह करने वाले इस युवा दंपती की जिंदगी का इस तरह अंत होना परिवार के लिए गहरी क्षति है।
अब पुलिस की आगे की जांच और पोस्टमार्टम संबंधी निष्कर्षों से ही दोनों मौतों की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।





