
Rajasthan राजस्थान: राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी, यात्रियों की घटती संख्या और हवाई ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों का असर अब उदयपुर एयरपोर्ट की उड़ान सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। इसी के चलते एयरलाइंस कंपनियों ने जून महीने से कई रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार, इंडिगो और एयर इंडिया ने बढ़ती परिचालन लागत और कम यात्री भार को देखते हुए यह कदम उठाया है। एयरलाइंस का कहना है कि लगातार बढ़ रहे खर्च और पर्याप्त यात्री न मिलने के कारण उड़ानों की आवृत्ति में कटौती करना मजबूरी बन गया है।
फिलहाल उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 14 फ्लाइट्स का संचालन किया जा रहा है। लेकिन जून से इसमें 2 से 3 उड़ानों की कमी होने की संभावना है। इससे यात्रियों को सीमित विकल्पों का सामना करना पड़ेगा।
सबसे ज्यादा असर जयपुर, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख रूट्स पर देखने को मिलेगा। इन रूट्स पर उड़ानों की संख्या कम होने से न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि टिकट की उपलब्धता और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
एयरलाइन कंपनियों के अनुसार, गर्मी के मौसम में यात्रियों की आवाजाही में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिसके कारण कई उड़ानों में सीटें खाली रह जाती हैं। ऐसे में घाटे से बचने के लिए कुछ उड़ानों को अस्थायी रूप से कम करना जरूरी हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एटीएफ की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भी इस स्थिति का एक बड़ा कारण है। इससे एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उड़ान संचालन पर पड़ रहा है।
हालांकि एयरलाइंस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थिति सामान्य होने और मांग बढ़ने पर उड़ानों की संख्या को फिर से बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं ताकि असुविधा से बचा जा सके।
इस फैसले के बाद उदयपुर एयरपोर्ट पर यात्रा करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ गई है, खासकर उन लोगों की जो नियमित रूप से इन प्रमुख शहरों की यात्रा करते हैं।





