राजस्थान

महापौर टिकट को लेकर भाजपा में घमासान, महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भाजपा में उठे विरोध के स्वर

Gulabi Jagat
28 Aug 2026 10:05 PM IST
महापौर टिकट को लेकर भाजपा में घमासान, महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर भाजपा में उठे विरोध के स्वर
x
भीलवाड़ा । नगर निगम चुनाव में महापौर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा में महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई है। टिकट वितरण को लेकर अब पार्टी के भीतर असंतोष भी खुलकर सामने आने लगा है। इसी बीच शुक्रवार को भाजपा कार्यालय के बाहर महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में कथित अनदेखी को लेकर विरोध कर पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी नाराजगी जाहिर की। महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संगठन में वर्षों से सक्रिय महिलाओं के बजाय पुरुष कार्यकर्ताओं की पत्नियों को टिकट देने में प्राथमिकता दी जा रही है। नगर परिषद की पूर्व सभापति मंजू चेचाणी ने कहा कि महिला मोर्चा की मांग स्पष्ट है कि नगर निकाय चुनाव में महापौर पद पर किसी पुरुष कार्यकर्ता की पत्नी के बजाय पार्टी की सक्रिय महिला कार्यकर्ता को अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि वार्डों से टिकट की दावेदारी कर रही महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। महापौर पद पर भी महिला मोर्चा की सक्रिय और सामान्य महिला कार्यकर्ता को मौका दिया जाना चाहिए। चेचाणी ने कहा कि महिला कार्यकर्ता वर्षों से संगठन के लिए मेहनत कर रही हैं, ऐसे में टिकट वितरण में उनकी उपेक्षा उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांग पर शनिवार दोपहर 3 बजे तक निर्णय नहीं लिया गया तो वह महिला कार्यकर्ताओं के हक के लिए आत्मदाह करने को मजबूर होंगी।
महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रेखापुरी गोस्वामी ने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से भाजपा के लिए कार्य कर रही हैं और महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि संगठन में पूरी निष्ठा से काम करने के साथ प्रदेश स्तर पर भी दो बार जिम्मेदारी निभाई है। जब भी टिकट वितरण का समय आता है, महिला कार्यकर्ताओं को उम्मीद रहती है कि इस बार उन्हें अवसर मिलेगा, लेकिन हर बार किसी अन्य को मौका दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की बात करती है, लेकिन जब महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का अवसर आता है तो वर्षों से संगठन में मेहनत कर रही महिला कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जाती है। उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ता पांच-पांच साल तक संगठन के लिए मेहनत करती हैं और उम्मीद रखती हैं कि उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा, लेकिन बार-बार निराशा हाथ लगती है। टिकट वितरण को लेकर महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं में आक्रोश के साथ गहरी पीड़ा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान मंजू पालीवाल, ज्योति आशीर्वाद, शोभिका जागेटिया, निशा जैन, इंदु टाक, अनुराधा कंवर, दीपा सोनी, सीमा चौधरी, शिखा नवल जागेटिया, लक्ष्मी कंवर राणावत सहित कई महिला पुरूष कार्यकर्ता मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने कहा कि नगर निगम चुनाव में अभी किसी भी वार्ड का टिकट अंतिम नहीं हुआ है। वार्डवार पैनल बनाए गए हैं। कार्यकर्ताओं और मातृशक्ति की भावनाओं व शिकायतों को गंभीरता से सुनकर संगठन के वरिष्ठ स्तर तक पहुंचाया गया है। टिकट चयन में सर्वे, कार्यकर्ताओं की राय, सामाजिक संतुलन और संगठन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। लोकतंत्र में हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है। संगठन की जिम्मेदारी है कि कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का ध्यान रखा जाए। हम सभी की बात उचित स्तर तक पहुंचाकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।
Next Story