Jaipur नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में दुखद घटना, बाघिन चमेली के नवजात शावक की मौत

Jaipur: जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। बाघिन चमेली के नवजात शावक की सोमवार को मौत हो गई। यह शावक बाघिन चमेली ने रविवार को जन्म दिया था। शावक की मौत से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, शावक का जन्म 3 मई को हुआ था, लेकिन जन्म के बाद ही उसकी स्थिति नाजुक पाई गई। पशु चिकित्सकों की टीम ने तुरंत स्थिति को गंभीर मानते हुए उसे वन्यजीव चिकित्सालय की नियो नेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किया और लगातार इलाज शुरू किया गया।
उपवन संरक्षक ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर शावक को विशेष निगरानी में रखा गया था। डॉक्टरों ने लगातार प्रयास किए, लेकिन इसके बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका और उसकी मृत्यु हो गई।
वन विभाग के अनुसार, शावक की मौत के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। नियमों के अनुसार मेडिकल बोर्ड द्वारा शावक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
बाघिन चमेली को फिलहाल पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी में रखा गया है और वह स्वस्थ बताई जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद पार्क प्रशासन और वन विभाग के कर्मचारियों में भी दुख का माहौल है।
गौरतलब है कि बाघ गुलाब और बाघिन चमेली को 6 अगस्त 2024 को गोरेवाडा, महाराष्ट्र से नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क लाया गया था। दोनों के बीच जनवरी के पहले पखवाड़े में मैटिंग हुई थी, जिसके बाद यह शावक जन्मा था।
पार्क प्रशासन ने पहले से ही विशेष निगरानी व्यवस्था लागू कर रखी थी। उपनिदेशक डॉ. अरविंद माथुर के नेतृत्व में पूरे क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही थी। क्षेत्रीय वन अधिकारी शुभम शर्मा ने 24 घंटे निगरानी के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार नजर रखी जा रही थी।
इसके बावजूद शावक को बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और नवजात शावकों की देखभाल को लेकर एक बार फिर चुनौतियों को उजागर किया है।
इससे पहले भी नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बाघिन रानी ने तीन शावकों को जन्म दिया था, जबकि हाल ही में बाघिन भक्ति ने भी दो शावकों को जन्म दिया है, जिनकी देखभाल की जा रही है। कुछ मामलों में नवजात शावकों को तुरंत विशेष देखभाल यूनिट में रखा गया है।
वन विभाग के अनुसार, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क वन्यजीवों की सफल ब्रीडिंग के लिए जाना जा रहा है और यहां कई प्रजातियों के संरक्षण और प्रजनन के प्रयास लगातार जारी हैं।
कुल मिलाकर, बाघिन चमेली के शावक की मौत ने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के बीच एक दुखद स्थिति पैदा कर दी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।





