राजस्थान

Sri Ganganagar: माननीय मुख्यमंत्री के संकल्प से हुई राह आसान

Tara Tandi
31 Jan 2025 5:05 PM IST
Sri Ganganagar: माननीय मुख्यमंत्री के संकल्प से हुई राह आसान
x
Sri Ganganagar श्रीगंगानगर । माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का संकल्प है कि कोई भी वर्ग आवासहीन नहीं रहे। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की बजट घोषणा की अनुपालना में मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना आरंभ की गई है। इसका उद्देश्य राज्य के विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू समुदाय के आवासहीन परिवारों को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्का मकान निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि उपलब्ध करवा उनका पुर्नवास करना है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक श्री वीरेंद्र पाल ने बताया कि इस योजना में आवेदन के लिए इस समुदाय के व्यक्तियों द्वारा ई-मित्र कियोस्क अथवा स्वयं की एसएसओ आईडी के माध्यम से राज्य सरकार के पोर्टल पर जन आधार के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ग्रामीण क्षेत्र में मकान बनवाने के लिए अनुदान सहायता के लिए आवेदक को संबंधित विकास अधिकारी पंचायत समिति में आवेदन करना होगा तथा शहरी और नगरीय क्षेत्र में मकान बनवाने के लिए आवेदक को संबंधित अधिशाषी अधिकारी, आयुक्त नगर पालिका, नगर परिषद के कार्यालय में आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। वह राज्य सरकार द्वारा जारी विमुक्त, घुमंतु एवं अर्धघुमंतु जातियों की सूची में सम्मिलित होना चाहिए। जाति पहचान पत्र होना चाहिए। आवेदक के परिवार के पास स्वयं का पक्का मकान नहीं होना चाहिए। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा भूमि का नियमानुसार पट्टा होना आवश्यक है। आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। संयुक्त परिवार होने की स्थिति में परिवार के एक ही आवेदक को इस योजनान्तर्गत लाभांवित किया जायेगा। आवेदक के परिवार की समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रति आवेदक को आवास निर्माण के 1.20 लाख रुपए तीन किश्तों में तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छ शौचालय हेतु 12 हजार रुपए एवं 90 दिवस की श्रमिक मानव दिवस के श्रम वेतन (मनरेगा) 23,940 रुपए उपलब्ध करवाए जाएंगे। अनुदान राशि की तीनों किश्तें लाभार्थी के बैंक खाते में ऑनलाईन देय होगी। उक्त अनुदान राशि तीन किश्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में देय होगी। आवेदक के आवेदन की जांच एवं अनुशंसा ग्रामीण क्षेत्र हेतु संबंधित विकास अधिकारी एवं शहरी क्षेत्र हेतु संबंधित नगर परिषद/नगरपालिका द्वारा की जायेगी। विस्तृत जानकारी संबंधित पंचायत समिति, नगरपरिषद, नगरपालिका अथवा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से प्राप्त की जा सकती है।
Next Story