Sawai माधोपुर में शर्मनाक मामला, आरोपी शिक्षिका निलंबित

Sawai Madhopur सवाई माधोपुर : राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ कथित रूप से शर्मनाक व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक शिक्षिका के पर्स से रुपए गायब होने के बाद शक के आधार पर कक्षा 9वीं से 11वीं तक की छात्राओं के कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी ली गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षिका को निलंबित कर दिया है, जबकि एक अन्य शिक्षिका को कार्यमुक्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सवाई माधोपुर जिले के बामनवास उपखंड क्षेत्र के लिवाली स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का है। बताया जा रहा है कि स्कूल में कार्यरत शिक्षिका सरस्वती मीना के पर्स से कुछ रुपए गायब हो गए थे। शिक्षिका को शक था कि रुपए स्कूल की कुछ छात्राओं ने लिए हैं। इसके बाद कथित तौर पर जांच के नाम पर छात्राओं की तलाशी ली गई।
आरोप है कि तलाशी के दौरान छात्राओं के कपड़े उतरवाए गए, जिससे छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हो गईं। यह घटना 13 जुलाई की बताई जा रही है। छात्राओं ने जब घर पहुंचकर अपने परिजनों को इस पूरी घटना की जानकारी दी तो परिवारों में नाराजगी फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) प्रतिभा मीना ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित छात्राओं से बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी ली।
सीबीईओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग, भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने कार्रवाई करते हुए शिक्षिका सरस्वती मीना को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षिका का मुख्यालय धौलपुर जिले के राजाखेड़ा स्थित सीबीईओ कार्यालय तय किया गया है।
इसके अलावा, स्कूल में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को भी सेवा प्रदाता कंपनी के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा का स्थान होता है। छात्राओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अभिभावक स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घटना में किसकी कितनी भूमिका रही और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।





