राजस्थान

सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर साधा निशाना, चुनाव व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

Gulabi Jagat
16 Aug 2026 9:02 PM IST
सतीश पूनिया ने कांग्रेस पर साधा निशाना, चुनाव व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
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दीदवाना-कुचामन। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया रविवार को कुचामन शहर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल में पंचायत और नगरपालिका चुनावों की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने का आह्वान किया।

मीडिया से बातचीत में सतीश पूनिया ने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज और निकाय चुनावों के कार्यक्रम में बदलाव कर चुनावों को अलग-अलग कराया। उन्होंने कहा कि इससे पंचायत और निकायों की चुनावी व्यवस्था प्रभावित हुई।

पूनिया ने जयपुर नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले यह एक ही इकाई हुआ करता था, लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान इसे दो हिस्सों में बांटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह पंचायतों का भी विभाजन किया गया और सरपंच, प्रधान तथा जिला प्रमुख के चुनाव अलग-अलग कराए गए।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले ही ‘एक राज्य, एक चुनाव’ की बात कही थी। पूनिया ने दावा किया कि चुनाव व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां थीं, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने इनका सामना किया।

पूनिया ने दावा किया कि जिले की 31 जिला स्तरीय सीटों में से भाजपा ने 21 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को सीमित सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायती राज और निकाय चुनाव समय पर कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा और आरक्षण व्यवस्था को भी नियमानुसार लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर सरकार की ओर से उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञानराम रनवा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सतीश पूनिया का स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने किसान के प्रतीक के तौर पर पूनिया को जेली भेंट कर सम्मानित किया।

पूनिया ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जा सकता है।

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