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Rajasthanराजस्थान : राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने सोशल मीडिया पर निवेश के नाम से चल रहे बड़े घोटाले में एक और आरोपी को पकड़ा है. इस बार गिरफ्त में आया है 37 साल का रजनीश कुमार, जो उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के नसीरपुर अफजलपुर गांव का रहने वाला है. पुलिस ने उसे रुड़की के न्यू आदर्श नगर में फ्लोर अहिंसा अपार्टमेंट से धर दबोचा. अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि रजनीश ने मुख्य आरोपी बंसीलाल उर्फ प्रिंस सैनी के साथ मिलकर यह पूरा जाल बुना था|
रजनीश ने प्रिंस सैनी के कहने पर www.harvestusdt.com नाम की वेबसाइट बनाई. इस साइट से 250 रुपये की आईडी फीस लेकर करीब 82 हजार लोगों को जोड़ा गया और लगभग 2 करोड़ रुपये जमा कर लिए गए. फिर दोनों ने हार्वेस्ट यूएसडीटी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई. प्रिंस खुद को निर्देशक बनाया और अपनी मंगेतर ममता सैनी को सह-निर्देशक. रजनीश ने कंपनी के लिए निवेश ऐप और डिजिटल करेंसी यूएसडीटी कॉइन तैयार किया. फर्जी एक्सचेंज के जरिए इस कॉइन को लिस्ट करवाकर लोगों को ठगा|
कंपनी ने निवेशकों को लुभाने के लिए कई इनामी स्कीम चलाईं. 5 लाख 90 हजार रुपये जमा करने पर स्कॉर्पियो गाड़ी और 12 लाख पर फॉर्च्यूनर देने का वादा किया गया. सोशल मीडिया पर डिजिटल करेंसी में निवेश का प्रचार किया. 2360 रुपये प्रति आईडी के हिसाब से 336 ट्रांजेक्शन हुए जिनसे रेजरपे पर 2 करोड़ 20 लाख 89 हजार 600 रुपये आए|
HDFC बैंक में 51 लाख 34 हजार और बैंक ऑफ इंडिया में 20 लाख 21 हजार रुपये जमा हुए. कुल मिलाकर 4 करोड़ 92 लाख 44 हजार रुपये ऑनलाइन ठगे गए. इसके अलावा 40 लोगों से इकरारनामा लेकर भारी मुनाफे और गाड़ियों का लालच दिया. प्रचार के लिए सब्सक्राइबर इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया|
15 अक्टूबर 2025 को भोपाल में डबल सेंचुरी रिवॉर्ड सेरेमनी का आयोजन किया जहां 250 स्कॉर्पियो गाड़ियां देने का दावा था. इस कार्यक्रम से 251 लोगों से नकद और ऑनलाइन मिलाकर 15 करोड़ रुपये ऐंठे गए. जांच में पता चला कि ठगी की रकम को निजी लग्जरी जीवन वाहनों की खरीद और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों को दान में खर्च किया गया|
प्रिंस सैनी ममता सैनी और दिनेश बागड़ी को पहले ही गिरफ्तार कर 18 दिसंबर 2025 को कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है. अब रजनीश को 29 दिसंबर 2025 को जयपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 3 जनवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया. पुलिस का कहना है कि यह घोटाला हजारों लोगों की मेहनत की कमाई लूटने का संगठित अपराध था|
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