
खन्ना। पंजाब के खन्ना में पुलिस ने लापता हुए तीन युवकों से जुड़े एक अजीबोगरीब मामले को सुलझाते हुए उन्हें राजस्थान से बरामद कर लिया। तीनों युवक आपस में दोस्त हैं और लुधियाना तथा मच्छीवाड़ा साहिब से संबंधित हैं। परिवारों के मुताबिक, तीनों अचानक घर से गायब हो गए थे और उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि ऑनलाइन बैटल रॉयल गेम ‘फ्री फायर’ के प्रति उनका जुनून उनके घर छोड़ने की वजह बना।
परिवारों ने जब काफी तलाश के बावजूद युवकों का पता नहीं लगा पाया तो उन्होंने खन्ना पुलिस से संपर्क किया और उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और युवकों के डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालते हुए उनकी लोकेशन राजस्थान में ट्रेस की।
माता-पिता की डांट से थे परेशान
प्रारंभिक जांच में पता चला कि तीनों युवक ऑनलाइन गेम खेलने के आदी थे। उनके माता-पिता अक्सर उन्हें ज्यादा समय तक गेम खेलने और पढ़ाई या काम के बजाय ऑनलाइन गेम में समय बिताने को लेकर डांटते थे।
पुलिस के अनुसार, युवकों को इस बात का डर था कि अगर वे घर पर रहेंगे तो उन्हें गेम खेलने को लेकर लगातार डांट का सामना करना पड़ेगा। इसी वजह से उन्होंने अपने माता-पिता को बिना बताए घर छोड़ने का फैसला किया।
तीनों ने कथित तौर पर अपने ऑनलाइन गेमिंग संपर्कों के जरिए बने दोस्तों से मिलने के लिए पंजाब से बाहर जाने की योजना बनाई। वे घरवालों को बिना जानकारी दिए राजस्थान पहुंच गए।
दो कॉलेज छात्र, तीसरा प्रवासी मजदूर
लापता हुए तीनों युवकों में से दो की उम्र करीब 22 वर्ष बताई गई है और वे कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। तीसरा युवक लुधियाना में रहने वाला एक प्रवासी मजदूर है और दोनों कॉलेज छात्रों का दोस्त बताया गया है।
तीनों के अचानक गायब होने के बाद उनके परिवारों में चिंता का माहौल बन गया था। परिजन अपने स्तर पर भी उन्हें तलाश कर रहे थे, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस की मदद ली गई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवकों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की जांच शुरू की। जांच के दौरान उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स महत्वपूर्ण साबित हुए।
डिजिटल फुटप्रिंट से मिला सुराग
पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए युवकों की गतिविधियों को ट्रैक किया। उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स से जांच टीम को संकेत मिला कि तीनों पंजाब से बाहर जा चुके हैं और राजस्थान में मौजूद हो सकते हैं।
इसके बाद खन्ना पुलिस ने उनकी संभावित लोकेशन का पता लगाया और संबंधित जानकारी राजस्थान पुलिस के साथ साझा की। राजस्थान पुलिस ने स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को ढूंढ निकाला।
इस तरह कई दिनों से परेशान परिवारों को राहत मिली और पुलिस की तकनीकी जांच के जरिए मामले का समाधान हो गया।
ऑनलाइन दोस्तों से मिलने निकले थे
पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों युवक केवल घूमने के लिए राजस्थान नहीं गए थे। वे ऑनलाइन गेम के जरिए संपर्क में आए दोस्तों से मिलने के लिए पंजाब से बाहर निकले थे।
ऑनलाइन गेमिंग के दौरान खिलाड़ियों के बीच दोस्ती और संपर्क होना आम बात है। लेकिन कई बार वास्तविक जीवन में बिना पर्याप्त जानकारी के ऑनलाइन संपर्कों से मिलने की कोशिश जोखिम भरी हो सकती है।
इस मामले में भी युवकों ने अपने परिवारों को यात्रा की जानकारी नहीं दी। उनके अचानक गायब होने से परिवारों को किसी अनहोनी की आशंका होने लगी थी।
परिवारों ने ली पुलिस की मदद
युवकों के परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह थी कि वे कहां हैं और सुरक्षित हैं या नहीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो खन्ना पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और युवकों के मोबाइल तथा अन्य डिजिटल गतिविधियों से जुड़े सुराग जुटाए। तकनीकी निगरानी से उनकी संभावित लोकेशन का पता लगाने में मदद मिली।
इसके बाद राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय कर युवकों को बरामद करने की कार्रवाई की गई।
गेमिंग की लत को लेकर बढ़ी चिंता
यह मामला ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी सवाल खड़े करता है। मोबाइल और इंटरनेट की आसान उपलब्धता के कारण युवाओं में ऑनलाइन गेमिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। मनोरंजन के लिए खेला जाने वाला गेम कब आदत या जुनून में बदल जाए, इसका अंदाजा कई बार परिवारों को भी नहीं होता।
इस मामले में युवकों द्वारा घर छोड़ने का फैसला यह दिखाता है कि गेमिंग को लेकर परिवार और युवाओं के बीच संवाद कितना जरूरी है। बच्चों और युवाओं को केवल डांटने के बजाय उनके ऑनलाइन व्यवहार को समझना और उनसे बातचीत करना भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया
राजस्थान पुलिस की मदद से तीनों युवकों का पता चलने के बाद परिवारों ने राहत की सांस ली। पुलिस की तकनीकी जांच और राज्यों के बीच समन्वय ने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हालांकि, तीनों युवकों के घर छोड़ने के पीछे गेमिंग को लेकर माता-पिता की डांट प्रमुख वजह बताई जा रही है, लेकिन पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
इस घटना ने अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि बच्चों और युवाओं की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनके साथ खुलकर संवाद किया जाए। वहीं, युवाओं को भी ऑनलाइन बने दोस्तों से वास्तविक जीवन में मिलने से पहले उनकी पहचान और विश्वसनीयता को लेकर बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।
फिलहाल तीनों युवकों के राजस्थान में सुरक्षित मिलने के बाद उनके परिवारों की चिंता खत्म हुई है। खन्ना पुलिस की डिजिटल जांच और राजस्थान पुलिस के साथ समन्वय से यह मामला सुलझा, लेकिन घटना ने ऑनलाइन गेमिंग के प्रभाव और इंटरनेट पर बने अनजान रिश्तों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





