राजस्थान

Jaipur: फसल बीमा योजना पर गहलोत का हमला, 73 लाख किसानों के बाहर होने पर उठाए सवाल

Admindelhi1
25 Aug 2026 11:41 AM IST
Jaipur: फसल बीमा योजना पर गहलोत का हमला, 73 लाख किसानों के बाहर होने पर उठाए सवाल
x
गहलोत बोले- फसल बीमा योजना से किसानों का बाहर होना बेहद चिंताजनक

जयपुर: फसल बीमा योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पिछले दो वर्षों में देशभर में 73 लाख किसानों के फसल बीमा योजना से बाहर होने के आंकड़े को चिंताजनक बताया।

उन्होंने कहा कि इनमें अकेले राजस्थान के 6.79 लाख किसान शामिल हैं। गहलोत ने बीमा प्रीमियम भरने के बावजूद नुकसान होने पर समय पर क्लेम नहीं मिलने और सर्वे व औसत उपज की जटिल गणना को किसानों की सबसे बड़ी परेशानी बताया।

गहलोत ने अपनी पोस्ट में कहा कि किसान के खेत में वास्तविक नुकसान होता है, लेकिन मुआवजे का निर्धारण क्षेत्र की औसत उपज के आधार पर किया जाता है। उनके अनुसार यही फसल बीमा व्यवस्था की सबसे बड़ी खामी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी किसान की पूरी फसल बर्बाद हो जाती है, तब भी उसे महज 2.30 रुपये का क्लेम मिलना या फसल पूरी तरह खराब होने के बावजूद बीमा राशि से वंचित रह जाना व्यवस्था की गंभीर विसंगति को दर्शाता है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राजस्थान में लंबित फसल बीमा दावों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इसी वर्ष राजस्थान में 205.52 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम अटका हुआ है। गहलोत ने कहा कि इससे पहले के वर्षों में भी फसल बीमा दावों के निस्तारण की स्थिति संतोषजनक नहीं रही है।

उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

गहलोत ने कहा कि किसान शुरुआत से ही आरोप लगाते रहे हैं कि फसल बीमा योजना किसानों से ज्यादा बीमा कंपनियों के फायदे की योजना बन गई है। उनके मुताबिक हालिया आंकड़े किसानों की इस आशंका को सही साबित करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल किया कि यदि योजना की व्यवस्था में कोई कमी है तो उसे दूर करने में परेशानी क्या है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से फसल बीमा की गणना पद्धति में तत्काल सुधार करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि किसान को उसके खेत में हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर वास्तविक मुआवजा मिलना चाहिए, न कि कागजी औसत और क्षेत्रीय गणना के आधार पर। गहलोत ने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिसमें फसल खराब होने की स्थिति में किसान को बीमा का लाभ समय पर और उचित रूप से मिल सके।

Next Story