धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर Manohar Lal बोले, समाधान के रूप में देखें फैसला

Rajasthan : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि अगर युवाओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कोई निर्णय लिया गया है तो उसकी सराहना की जानी चाहिए।
मनोहर लाल शनिवार को पानीपत के लघु सचिवालय में करनाल लोकसभा क्षेत्र की दिशा (DISHA) समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे थे। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन और लंबित कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसे किसी की हार या जीत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक समस्या के समाधान के रूप में लिया गया फैसला है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवा शक्ति देश की निर्माता है और समाज में ऐसा कोई संदेश नहीं जाना चाहिए जिससे युवाओं में भ्रम या निराशा पैदा हो। उन्होंने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान ने परिस्थितियों को समझते हुए यह कदम उठाया है तो यह एक सकारात्मक पहल है।
मनोहर लाल ने कहा कि छात्रों का भविष्य सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे विवादों और आंदोलनों में उलझने के बजाय अपनी पढ़ाई, मेहनत और करियर पर ध्यान दें, ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें।
दिशा समिति की बैठक को लेकर मनोहर लाल ने बताया कि यह बैठक हर तीन महीने में आयोजित की जाती है। इसमें केंद्र सरकार और केंद्र-राज्य की संयुक्त योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि बैठक में योजनाओं की स्थिति, कार्यों में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और आम लोगों तक उनका लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शिक्षा मंत्रालय दिए जाने की चर्चाओं पर मनोहर लाल से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर यह जिम्मेदारी उनके पास होती तो वह जरूर बताते। मनोहर लाल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं को गति देना और युवाओं सहित आम जनता के हितों की रक्षा करना है।





