Jodhpur: ट्रैकिंग डिवाइस की तकनीकी अड़चन से वाहन मालिक परेशान

जोधपुर: प्रदेश के कॉमर्शियल व्हीकल में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाने को लेकर ट्रांसपोर्टर्स और परिवहन विभाग के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। ऐसे में राजस्थान के कई जिलों में इसके विरोध में हड़ताल जारी है। जोधपुर में ट्रक ऑपरेटर्स ने कल से चक्काजाम कर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इनका कहना है कि हम ट्रैकिंग डिवाइस लगाने को तैयार हैं, लेकिन सरकार से जिन कंपनियों का एमओयू हुआ है, वह 10 गुना महंगे हैं। इधर, ट्रैकिंग डिवाइस नहीं लगे होने की वजह से कई ट्रक के परमिट रिन्यू और फिटनेस तक भी अटक चुके हैं।
साल 2020 के बाद जो भी ट्रक, बस और कॉमर्शियल वाहन आए हैं, उनमें पहले से ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए हैं और 2020 से पहले के व्हीकल हैं उनमें ट्रैकिंग डिवाइस लगाने हैं। इसके लिए एसोसिएशन भी तैयार है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि हमें ये डिवाइस लगाने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, जिन कंपनियों के साथ एमओयू हुआ है, उनके डिवाइस 30 से 35 हजार रुपए तक के हैं। जबकि मार्केट में कई ऐसी कंपनियां हैं जो ऑरिजन इक्पीपमेंट मैन्यूफेक्चर (ओइएम) हैं और उनके डिवाइन 4 से पांच हजार रुपए तक की रेट में मिल रहे हैं। ऐसे में यदि जिस ट्रांसपोर्टर्स के 50 से ज्यादा ट्रक हुए तो वह एक साथ इतने रुपए कहां से देगा। इतना ही नहीं इन सभी डिवाइस को एक साल बाद इसी रेट पर रिन्यू भी करवाना होगा।
जोधपुर में दो एसोसिएशन हैं, एक सूर्यनगरी गुड्स ट्रांसपोर्ट ऑनली वेलफेयर सोसायटी और जोधपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन। शहर में करीब एक हजार से ज्यादा ट्रांसपोर्टर्स हैं। चक्काजाम हड़ताल के लिए एक संघर्ष समिति भी बनाई है। यदि हड़ताल होती है तो जोधपुर आरटीओ से जुड़े करीब 50 हजार से ज्यादा ट्रक ड्राइवर्स प्रभावित होंगे। हालांकि एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि 13 जुलाई तक जिनके ई-वे बिल बने होंगे उन ट्रक को खाली करवा दिया जाएगा लेकिन किसी तरह का सामान लोड नहीं होगा। जोधपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सचिव प्रवीण कुंभट ने बताया कि राजस्थान ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति की ओर से जो हड़ताल हो रही है उसका हम समर्थन कर रहे हैं और कल से हम भी हड़ताल पर उतरेंगे। इसमें हम निजी बस ऑपरेटर्स, कॉमर्शियल व्हीकल ऑपरेटर्स से भी बात कर रहे हैं। इन सभी से सहयोग लेकर जोधपुर में भी हड़ताल करेंगे।





