राजस्थान

Jaipur: व्यापक जनहित में होने पर चारागाह भूमि का वर्गीकरण– राजस्व मंत्री

Tara Tandi
12 March 2025 4:22 PM IST
Jaipur: व्यापक जनहित में होने पर चारागाह भूमि का वर्गीकरण– राजस्व मंत्री
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Jaipur जयपुर । राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि गौशाला के लिए भूमि का आवंटन राजस्थान भू-राजस्व नियम 1957 के तहत सिवायचक भूमि उपलब्‍ध नही होने तथा संबंधित गांव में पशुओ की चराई के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध रहने की स्थिति में चारागाह भूमि का आवंटन गौशाला हेतु किये जाने के प्रावधान है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देशानुसार चारागाह भूमि का वर्गीकरण व्यापक जनहित में होने पर किया जा सकता है।
राजस्व मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भू-राजस्व नियम 1957 के तहत सिवायचक भूमि के आंवटन के लिए जिला कलेक्टर को प्राधिकृत किया गया हैं। चारागाह भूमि को गाय के साथ साथ अन्य पशुओं के लिए भी संरक्षित किया जाना आवश्यक है।
श्री मीणा ने कहा कि 24 फरवरी 2022 को अतिरिक्त महाधिवक्ता द्वारा गौशाला के लिए चारागाह भूमि का आंवटन व्यापक जनहित में नहीं माने जाने की राय दी गई थी। इसलिए वर्तमान में चारागाह भूमि का आवंटन गौशाला हेतु नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि गौशाला हेतु चारागाह भूमि आवंटन के सम्बन्ध में प्रस्ताव का पुनः परीक्षण करवाकर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
इससे पहले विधायक श्री गोरधन के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में राजस्व मंत्री ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि की किस्म गैर मुमकिन गौचर में दर्ज की जाती है। गौशाला हेतु चारागाह भूमि का वर्गीकरण परिवर्तन कर आवंटन किये जाने के संबंध में गुलाब कोठारी प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय के ऑब्जरवेशन के दृष्टिगत गौशाला प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन को व्यापक जनहित की श्रेणी में शामिल नही माना गया है। न्यायालय के आदेशो के दृष्टिगत वर्तमान में चारागाह भूमि का वर्गीकरण व परिवर्तन गौशाला प्रयोजनार्थ नही किया जा रहा है।
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