राजस्थान

Jaipur: 1100 किलो आम की झांकी और जलविहार ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान

Admindelhi1
28 May 2026 10:54 AM IST
Jaipur: 1100 किलो आम की झांकी और जलविहार ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
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मंदिरों में उमड़ी भीड़, कमला एकादशी पर दिखा भव्य नजारा

जयपुर: प्रथम ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल एकादशी बुधवार को छोटी काशी में कमला एवं पद्मिनी एकादशी श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई। शहर के गोविंद देवजी, गणेश, श्याम और विष्णु मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गईं। मंदिरों में दिनभर दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी रही तथा भजन-कीर्तन, जलविहार, फूल बंगला और छप्पन भोग के आयोजन हुए।

श्री गोविन्द देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर लाल नटवर वेश में विशेष श्रृंगार किया गया। राजभोग झांकी में ठाकुरजी और राधारानी की जलविहार झांकी सजाई गई। मंदिर में करीब 1100 किलो आम से अमिया झांकी सजाई गई, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। ठाकुरजी को खरबूजा, तरबूज, आमरस, सिकरन पूड़ी और शीतल व्यंजनों का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं को नींबू पानी, शर्बत और मिल्क रोज का वितरण भी किया गया।

शहर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर, गढ़ गणेश मंदिर, नहर के गणेश जी मंदिर सहित विभिन्न गणेश मंदिरों में फूल बंगला और जलविहार झांकियां सजाई गईं। प्रथम पूज्य गणेशजी को फव्वारों के बीच शीतलता प्रदान की गई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

श्री श्याम प्राचीन मंदिर सहित शहर के विभिन्न श्याम मंदिरों में बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार कर भजन संध्या आयोजित की गई। महंत लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में छप्पन भोग की झांकी सजाई गई और श्रद्धालुओं ने भजनों के साथ बाबा श्याम की अरदास की। मानसरोवर स्थित श्याम पार्क में फूल बंगला झांकी और अखंड ज्योत आकर्षण का केंद्र रही।

वहीं महालक्ष्मी मंदिर में कमला एकादशी पर माता महालक्ष्मी का 121 कमल पुष्पों से विशेष पूजन किया गया। मंदिर परिसर में जलविहार की आकर्षक झांकी सजाई गई। दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पूरा परिसर जयकारों एवं मंत्रोच्चार से गूंजता रहा।

इसके अलावा श्री गोपीनाथ जी मंदिर, श्री राधा दामोदर जी मंदिर तथा श्री लाडली जी मंदिर सहित विभिन्न वैष्णव मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक, समाज पद गायन और दान-पुण्य के आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना की।

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