राजस्थान

महावीर की वाणी को जीवन में उतारें, आचरण और व्यवहार से झलके जैन संस्कार: Mahasati Siddhi

Gulabi Jagat
14 July 2026 9:01 PM IST
महावीर की वाणी को जीवन में उतारें, आचरण और व्यवहार से झलके जैन संस्कार: Mahasati Siddhi
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भीलवाड़ा । पंडित रत्नन प्रकाशचंद महाराज की आज्ञानुवर्ती महासती सिद्धि म.सा. आदि ठाणा-3 का मंगलवार को महावीर भवन, नाड़ी मोहल्ला, भीलवाड़ा में मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं। धर्मसभा को संबोधित करते हुए महासती सिद्धि म.सा. ने कहा कि भगवान महावीर की वाणी को केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे अपने जीवन में आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैन कुल में जन्म मिलना अत्यंत दुर्लभ है, इसलिए प्रत्येक जैन का आचरण और व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि उसमें जैन संस्कृति और संस्कार स्पष्ट रूप से झलकें। चर्याश्री म.सा. ने अपने प्रवचन में कहा कि दैनिक जीवन में आचार-विचार की पवित्रता और तप का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि इच्छाओं पर नियंत्रण, क्रोध पर विजय और समता के भाव से जीवन जीने का निरंतर प्रयास ही आत्मकल्याण का मार्ग है। मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम बनाए रखते हुए आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर रहना चाहिए। शहर संघ अध्यक्ष गोवर्धन सिंह कावड़िया ने बताया कि धर्मसभा में काशीपुरी संघ एवं महावीर भवन संघ के अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को भी महावीर भवन, नाड़ी मोहल्ला में प्रातः धर्म प्रवचन का आयोजन होगा। धर्मसभा में शहर संघ अध्यक्ष गोवर्धन सिंह कावड़िया, मंत्री पारसमल कूकड़ा, लक्ष्मीलाल खमेसरा, जब्बर सिंह नाहर, जितेंद्र कुमार डांगी, देवेंद्र खमेसरा, अरविंद कोठारी, कमला देवी कोठारी, मंत्री अर्पिता खमेसरा, ललिता पीपाड़ा, अलका कावड़िया, पिंकी कोठारी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शहर संघ मंत्री पारसमल कूकड़ा ने किया।

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