राजस्थान

बिल्डिंग में सफाई कर्मियों ने जगह-जगह गंदगी के बना दिए पॉइंट

Admin Delhi 1
8 May 2023 10:30 AM GMT
बिल्डिंग में सफाई कर्मियों ने जगह-जगह गंदगी के बना दिए पॉइंट
x

कोटा: संभाग के सबसे बड़े एमबीएस अस्पताल के हालात सुधरने का नाम नहीं नहीं ले रहे है। अस्पताल में पिछले कई दिनों से कचरे और बायोवेस्ट का निस्तारण नहीं होने से अस्पताल के वार्डो से लेकर गलियारों में चहुंओर कचरे के ढेर नजर आ रहे है। करोड़ की लागत से बनी नई ओपीडी बिल्डिंग में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सफाई कर्मी कचरें को प्लास्टिक के बैग में संग्रह कर अस्पताल परिसर में बने कमरों और खाली स्थानों पर इधर जमा कर रहे जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल के दवाघर, पर्चीघर के आसपास कचरे के ढ़रे जमा कर रखे है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल के दवा काउंटर, पर्ची काउंटर से लेकर हर और कचरा ही कचरा दिखाई दे रहा है। कचरे के बीच मरीजों का इलाज किया जा रहा है। फर्स्ट फ्लोर से लेकर थर्ड फ्लोर तक कचरे के ढेर लगे हुए है। सफाई ठेकेदार द्वारा नियमित सफाई नहीं करने से कुछ दिनों पूर्व में भी अधीक्षक जुर्माना लगा चुके उसके बावजूद सफाई व्यवस्था नहीं सुधारी उल्टे पिछले एक पखवाड़े से कचरे का निस्तारण नहीं होने से अस्पताल में कचरे जगह जगह ढेर लगे हुए है।

परिजनों के बैठने के स्थान पर फैली गंदगी

बूंदी से मरीज के साथ आए परिजन भंवर लाल वर्मा ने बताया कि संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बावजूद चहुंओर गंदगी फैली है। लोग यहां बेहतर इलाज के लिए आते है लेकिन यहां फैली गंदगी से लोगों इलाज की जगह संक्रमण मिल रहा है। करोडो रुपए खर्च ओपीडी तो बना दी लेकिन लच्चर सफाई व्यवस्था यहां की व्यवस्था की पोल खोल रही है। मरीजों के परिजनों के बैठने के स्थान पर पानी भरा हुआ है। ।

ग्राउंड फ्लोर पर जमा कचरा

नई ओपीडी बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर जगह जगह प्लास्टिक बैग रखे कचरे के ढेर सहज ही नजर आ जाएंगे। रखकचरे की थैलियां जमा कर रखी है। ऐसे में पानी पीने आए मरीजों को गंदगी से दोचार होना पड़ रहा है।

ओपीडी के फर्स्ट फ्लोर पर जमा कर रहे कचरा

अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज अंबालाल मीणा ने बताया कि एमबीएस की नई ओपीडी के फर्स्ट फ्लोर पर ही सभी विभागों की ओपीडी संचालित हो रही है। यहां के खाली कमरों में सफाई कर्मचारी प्लास्टिक बैग में कचरा जमा कर रख रहे इस कमरें से बायोवेस्ट की बदबू आ रही है। यहां मरीजों का सबसे ज्यादा आवगमन है, वहीं पर कचरे के ढेर लगे हुए। यहां लगी बैच के पास ही कचरे के ढेर लगा रखे है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सफाई कर्मियों ने यहीं पास में बने बने कमरे के बाहर कचरे के पॉइट बना कर प्लास्टिक बैग में कचरा जमा कर रखा है। बदबू आ रही है। ओपीडी में चहुओर गंदगी फैली है।

सैकण्ड फ्लोर पर बायोवेस्ट का लगा ढेर

एमबीएस अस्पताल नई बिडिंग के दूसरे माले पर खाली कमरों में सफाई कर्मचारियों को कचरा जमा कर रखा है। यहां से गुजरने वालों को बदबू से दोचार होना पड़ रहा है। वहीं थर्ड फ्लोर पर सर्जिकल वार्ड है। यहां पर भी पिछले 15 दिन से कचरा नहीं उठा रहा है। सफाई कर्मी कचरा संग्रह कर थैलियों के ढेर को वहीं परिसर में जमा कर रख रहे है जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।

दवाघर के पास रखा कचरा

एमबीएस की नई ओपीडी से 21 अप्रैल से ही बायोवेस्ट और कचरे का निस्तारण नहीं हो रहा परिसर में कचरा इधर उधर जमा किया जा रहा है। पर्ची काउंटर से लेकर दवाघर, वार्डो तक चहुंचोर कचरे के ढेर लगे रहे। मरीजों के बैठने कुर्सियों पास तक दवाओं के कचरे के ढेर लगे रहे। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे मरीज के साथ परिजन भी संक्रमण फैलने से सहमे हुए है।

जांच कराकर करेंगे सख्त कार्रवाई

नई ओपीडी में कचरे का निस्तारण क्यों नहीं हो रहा है। जिसकी जांच कराकर संबंधी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा

सफाई कर्मी का कचरा उठाने के लिए पाबंद किया हुआ है। सफाई कर्मी कचरा क्यों नहीं उठा रहे इसकी जांच कराकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. दिनेश वर्मा, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल

Next Story