राजस्थान

Jaipur में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 1 लाख 44 हजार 583 अपात्र व्यक्तियों ने किया 'गिव अप'

Tara Tandi
23 April 2025 11:04 AM IST
Jaipur में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 1 लाख 44 हजार 583 अपात्र व्यक्तियों ने किया गिव अप
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Jaipur जयपुर । राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले अपात्र व्यक्ति का नाम खाद्य सुरक्षा सूची से स्वत: ही हटवाने के लिये खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 'गिव अप' अभियान चला रखा है। इसके तहत राज्य के 17 लाख 63 हजार से अधिक व्यक्तियों एवं जयपुर जिले में 1 लाख 44 हजार 583 अपात्र व्यक्तियों ने गिव अप किया है। विभाग द्वारा राज्य में 20 लाख 80 हजार से अधिक नए पात्रों एवं जयपुर जिले में 1 लाख 42 हजार 787 नए पात्रों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची में शामिल किए हैं।
जयपुर जिला रसद अधिकारी श्री त्रिलोकचंद मीणा ने बताया कि जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार जिले में योजना के 491 अपात्र व्यक्तियों को स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम हटवाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने गिव अप अभियान को आगामी 30 अप्रैल तक संचालित करने का फैसला किया गया है।
उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल तक स्वेच्छा से अपना नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटवाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जायेगी। पेनल्टी की गणना 27 रुपये प्रति किलोग्राम के अनुसार खाद्य सुरक्षा सूची में नाम अंकित होने की तिथि से नाम हटाने की तिथि तक उस व्यक्ति द्वारा जितना खाद्यान्न प्राप्त किया गया है, के अनुसार की जाकर मय ब्याज वसूली की जाएगी। जिला कलक्टर के निर्देशानुसार ऐसे कार्मिकों की सूचियां तैयार की जा रही हैं एवं ऐसे कार्मिकों के संबंधित विभागों को वसूली की राशि कार्मिक के मासिक वेतन से कटौती करने हेतु लिखा जावेगा।
उन्होंने बताया कि गिव अप अभियान के अन्तर्गत खाद्य सुरक्षा सूची की निष्कासन श्रेणी में सम्मिलित परिवार जैसे ऐसे परिवार जिनमें कोई भी एक सदस्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं में नियमित कर्मचारी या अधिकारी हो अथवा 1 लाख रुपये वार्षिक से अधिक पेंशन प्राप्त करता हो अथवा जिसके सभी सदस्यों की कुल आय 1 लाख रुपये वार्षिक से अधिक हो या निजी चौपहिया वाहन धारक या आयकरदाता हो, को प्रेरित कर खाद्य सुरक्षा सूची से अपना नाम स्वेच्छा से पृथक करवाए जाने हेतु आवेदन करवाया जा रहा है।
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