राजस्थान

IIT जोधपुर को CERN CMS सहयोग की पूर्ण सदस्यता, कण भौतिकी शोध में भारत की बड़ी छलांग

Gulabi Jagat
1 July 2026 6:08 PM IST
IIT जोधपुर को CERN CMS सहयोग की पूर्ण सदस्यता, कण भौतिकी शोध में भारत की बड़ी छलांग
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Jodhpur, जोधपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT Jodhpur) ने वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को यूरोप की प्रमुख शोध प्रयोगशाला CERN के कॉम्पैक्ट म्यूऑन सोलेनोइड (CMS) सहयोग का पूर्ण सदस्य बनाया गया है। यह कदम भारत के लिए कण भौतिकी और मेगा-साइंस रिसर्च के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति माना जा रहा है।

CERN, जिनेवा (स्विट्जरलैंड) स्थित दुनिया की सबसे बड़ी कण भौतिकी प्रयोगशाला है, जहां लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) जैसे अत्याधुनिक प्रयोग किए जाते हैं। CMS सहयोग इस प्रयोगशाला का एक प्रमुख हिस्सा है, जो ब्रह्मांड के मूलभूत कणों और उनकी संरचना को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में भारत की मजबूत मौजूदगी

IIT जोधपुर की इस सदस्यता के साथ भारत अब उन चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है जो CMS सहयोग का हिस्सा हैं। इससे संस्थान को वैश्विक वैज्ञानिक नेटवर्क में सीधे भागीदारी का अवसर मिलेगा।

CMS सहयोग में शामिल होने का अर्थ है कि IIT जोधपुर अब सीधे उन शोध परियोजनाओं में भाग लेगा, जिनका उद्देश्य ब्रह्मांड के निर्माण, पदार्थ की संरचना और मौलिक कणों की प्रकृति जैसे गूढ़ प्रश्नों को समझना है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सहयोग केवल एक संस्थागत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत की वैज्ञानिक क्षमता और तकनीकी दक्षता का वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त उदाहरण भी है।

शोध और तकनीकी योगदान में नई जिम्मेदारियां

पूर्ण सदस्यता के बाद IIT जोधपुर पर अब कई नई जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। संस्थान के शोधकर्ता CMS के दीर्घकालिक वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। इसमें मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों पर काम किया जाएगा—

कण भौतिकी में अत्याधुनिक शोध

अगली पीढ़ी के डिटेक्टर सिस्टम का विकास

LHC में होने वाले कण टकराव से उत्पन्न विशाल डेटा का विश्लेषण

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग

विशेषज्ञों के अनुसार, LHC में हर सेकंड लाखों कणों की टक्कर से जो डेटा उत्पन्न होता है, उसे समझने के लिए उन्नत कंप्यूटिंग और AI आधारित मॉडल बेहद जरूरी हैं। IIT जोधपुर इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

नेतृत्व और विशेषज्ञता की भूमिका

IIT जोधपुर के CMS कार्यक्रम का नेतृत्व संस्थान की संकाय सदस्य डॉ. लता पंवार कर रही हैं। उनके साथ वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जितेंद्र कुमार भी इस परियोजना का संचालन करेंगे। दोनों वैज्ञानिकों का CERN के साथ पहले से ही लंबा शोध अनुभव रहा है।

उन्होंने पहले CERN के ATLAS, ALICE और CMS जैसे प्रमुख प्रयोगों में शोधकर्ता के रूप में कार्य किया है। इन परियोजनाओं में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

दोनों वैज्ञानिकों को CERN से जुड़े शोधकर्ताओं के साथ मिलकर किए गए कार्यों के लिए 2025 के ‘ब्रेकथ्रू प्राइज इन फंडामेंटल फिजिक्स’ से भी सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मानों में से एक माना जाता है।

वैज्ञानिक प्रश्नों की खोज में नया अध्याय

CMS सहयोग का उद्देश्य केवल प्रयोग करना नहीं है, बल्कि ब्रह्मांड के सबसे गहरे रहस्यों को समझना है। वैज्ञानिक जिन प्रमुख प्रश्नों पर काम कर रहे हैं, उनमें शामिल हैं—

ब्रह्मांड किससे बना है?

इसकी शुरुआत कैसे हुई?

पदार्थ के सबसे छोटे और मौलिक कण कौन से हैं?

IIT जोधपुर की भागीदारी इन सवालों के समाधान में भारत को सीधे वैश्विक वैज्ञानिक प्रयासों से जोड़ती है।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व

यह सदस्यता भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता के लिए एक रणनीतिक उपलब्धि है। इससे भारतीय शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक सुविधाओं और डेटा तक पहुंच मिलेगी। साथ ही, देश के छात्रों और वैज्ञानिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर भी बढ़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को भविष्य में मेगा-साइंस प्रोजेक्ट्स में और अधिक मजबूत स्थिति में लाएगा।

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