राजस्थान
छप्पर में लगी भीषण आग से मची तबाही, 8 मवेशियों की मौत,
Rajeshwari Nishad
8 Nov 2026 6:12 PM IST

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के रेनवाल क्षेत्र में आग लगने की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। वार्ड नंबर 33 में स्थित एक छपरपोश में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बंधे आठ मवेशियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वे जिंदा जल गए। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे आग को आसपास फैलने से रोका जा सका। हालांकि, इस हादसे में आठ मवेशियों की मौत से इलाके में दुख का माहौल है।
छपरपोश में आग लगने की खबर सामने आते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में मदद करने की कोशिश की। आग की लपटें देखकर लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद दमकलकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया।
वार्ड नंबर 33 के छपरपोश में लगी आग
जानकारी के अनुसार, यह घटना रेनवाल के वार्ड नंबर 33 की है। यहां एक छपरपोश में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने छपरपोश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।छपरपोश में आठ मवेशी मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। इस हादसे में सभी आठ मवेशियों की जिंदा जलकर मौत हो गई।घटना के बाद आसपास के लोगों में शोक और चिंता का माहौल बन गया। मवेशियों की मौत से संबंधित परिवार को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल टीम
छपरपोश में आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग की गंभीरता को देखते हुए उसे बुझाने का प्रयास शुरू किया।आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों ने पानी का इस्तेमाल किया और लगातार प्रयास करते हुए लपटों को शांत किया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आसपास के अन्य हिस्सों में आग फैलने की आशंका को कम किया जा सका।दमकलकर्मियों की तत्परता के कारण आग पर नियंत्रण तो पा लिया गया, लेकिन छपरपोश में मौजूद आठ मवेशियों को बचाया नहीं जा सका।
आठ मवेशियों की मौत से इलाके में दुख
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि आग की चपेट में आने से आठ मवेशियों की जान चली गई। मवेशियों के जिंदा जलने की खबर से स्थानीय लोगों में दुख का माहौल है।ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में मवेशियों को परिवार और आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे में एक साथ आठ मवेशियों की मौत से संबंधित पशुपालक को बड़ा नुकसान हुआ है।घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आग लगने की वजह और नुकसान को लेकर चर्चा हो रही है।
आग लगने के कारणों का पता लगाना जरूरी
फिलहाल छपरपोश में आग किस वजह से लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। आग लगने के संभावित कारणों की जांच जरूरी है।यह पता लगाना होगा कि आग शॉर्ट सर्किट, किसी चिंगारी या अन्य वजह से लगी थी। हालांकि, अभी इनमें से किसी भी कारण की पुष्टि नहीं हुई है।दमकल विभाग की ओर से समय रहते आग बुझाने के कारण स्थिति को और गंभीर होने से रोका जा सका। आग से छपरपोश को कितना नुकसान हुआ और मवेशियों के मालिक को कितनी आर्थिक क्षति पहुंची, इसका विस्तृत आकलन उपलब्ध नहीं है।
पशुशालाओं में आग से बचाव जरूरी
रेनवाल की यह घटना पशुशालाओं और छपरपोश में आग से सुरक्षा की जरूरत को भी सामने लाती है। ऐसे स्थानों पर सूखी घास, लकड़ी, चारा और अन्य ज्वलनशील सामान मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैल सकती है।पशुपालकों को बिजली के तारों की नियमित जांच करनी चाहिए और पशुशाला में आग लगने के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।इसके अलावा आपात स्थिति में मवेशियों को बाहर निकालने के लिए रास्ता खुला रखना भी महत्वपूर्ण है।
समय पर बुझाई गई आग, लेकिन नहीं बच सके मवेशी
रेनवाल के वार्ड नंबर 33 में हुई इस घटना में दमकलकर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। हालांकि, तब तक छपरपोश में मौजूद आठ मवेशियों की मौत हो चुकी थी।यह हादसा स्थानीय लोगों के लिए बेहद दुखद रहा। अब आग लगने के वास्तविक कारणों और हुए नुकसान से संबंधित विस्तृत जानकारी का इंतजार है।कुल मिलाकर, जयपुर के रेनवाल में छपरपोश में लगी आग ने आठ मवेशियों की जान ले ली। दमकल विभाग की तत्परता से आग को फैलने से रोक लिया गया, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में पशुपालक को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
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