राजस्थान

अध्ययन और खेल के सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण बने अक्षत, परिवार से मिला संस्कार और मार्गदर्शन

Gulabi Jagat
23 Aug 2026 10:27 PM IST
अध्ययन और खेल के सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण बने अक्षत, परिवार से मिला संस्कार और मार्गदर्शन
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Bhilwara, भीलवाड़ा । जिले के विवेकानंद केंद्र विद्यालय के छात्र अक्षत कुमार लखारा ने अध्ययन और खेल के बीच शानदार सामंजस्य का उदाहरण पेश करते हुए राज्य स्तरीय फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-19 वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। राजस्थान शतरंज संघ की ओर से तीन दिवसीय फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता जयपुर में आयोजित की हुई। 21 से 23 अगस्त तक आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर के 175 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें करीब 80 खिलाड़ी फिडे रेटेड थे। आठ चक्रों में खेली गई प्रतियोगिता में अक्षत पूरे मुकाबले में अविजित रहे। उन्होंने सात चक्रों में जीत दर्ज की, जबकि आठवें चक्र में मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। अक्षत ने अपने से अधिक रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को भी पराजित कर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अक्षत को 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही उनकी फिडे रेटिंग में करीब 100 अंकों की शानदार बढ़ोतरी हुई। इस उपलब्धि के साथ अक्षत अब राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

अक्षत कुमार लखारा का शैक्षणिक प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कक्षा 10 में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और वर्तमान में कक्षा 11 में विज्ञान संकाय से अध्ययन कर रहे हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि उचित मार्गदर्शन, अनुशासन और मेहनत के बल पर विद्यार्थी पढ़ाई के साथ खेल के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। अक्षत के दादा रतन शिक्षक एवं व्याख्याता के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, जबकि उनके पिता मेडिकल क्षेत्र में नर्सिंग ऑफिसर हैं। परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और निरंतर मार्गदर्शन ने अक्षत के व्यक्तित्व एवं प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विवेकानंद केंद्र विद्यालय, हुरडा की प्रधानाचार्य श्रीमती आशा गोयल द्वारा विद्यार्थियों में शतरंज खेल के प्रति रुचि विकसित करने और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विद्यालय में शतरंज को मिल रहे इस प्रोत्साहन से विद्यार्थियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल रहे हैं। अक्षत की उपलब्धि भी इसी सकारात्मक वातावरण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।

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