राजस्थान

ITBP के 136 हिमवीरों का सम्मान, वीरता और सेवा को मिला गौरव

Ratna Netam
22 Oct 2026 9:23 PM IST
ITBP के 136 हिमवीरों का सम्मान, वीरता और सेवा को मिला गौरव
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अलवर। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के 136 जवानों को उनके साहस, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए गुरुवार को सम्मानित किया गया। राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज (CTC) में आयोजित 'हिमवीर सम्मान समारोह' में आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने जवानों को सम्मान प्रदान किया। समारोह में जवानों की बहादुरी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देश की सुरक्षा में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की गई।इस अवसर पर महानिदेशक ने कहा कि आईटीबीपी के जवान कठिन भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में भी देश की सेवा कर रहे हैं। चाहे हिमालय की दुर्गम सीमाओं की सुरक्षा हो, आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी हो या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव अभियान, बल के जवान हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।
10 जवानों को सिल्वर डिस्क, 126 को प्रशंसा पत्र
सम्मान समारोह में कुल 136 जवानों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुरस्कृत किया गया। इनमें 10 जवानों को महानिदेशक सिल्वर डिस्क (DG Silver Disc) से सम्मानित किया गया, जबकि 126 जवानों को महानिदेशक प्रशंसा पत्र (DG Commendation Roll) प्रदान किए गए।सम्मानित जवानों में इंजीनियरिंग और पायनियर शाखाओं के 12 जवान भी शामिल थे। इन शाखाओं के जवान कठिन परिस्थितियों में बुनियादी ढांचे, तकनीकी सहायता और परिचालन संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।महानिदेशक ने सम्मान प्राप्त करने वाले सभी जवानों को बधाई देते हुए उनके समर्पण और पेशेवर कार्यशैली की प्रशंसा की।
जवानों का मनोबल ही बल की सबसे बड़ी ताकत
समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने कहा कि किसी भी सुरक्षा बल की वास्तविक ताकत उसके जवानों का मनोबल, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और कल्याण होता है।उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के हिमवीर देश की सीमाओं पर बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तैनात रहते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में अत्यधिक ठंड, बर्फबारी और कठिन रास्तों के बावजूद जवान पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।उन्होंने जवानों से कहा कि सुरक्षा संबंधी नई चुनौतियों का सामना करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक की जानकारी और पेशेवर दक्षता को बढ़ाना जरूरी है।
2,500 से अधिक जवानों की शिकायतों का समाधान
महानिदेशक ने जवानों के कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 2,500 से अधिक जवानों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया है।इसके अलावा जवानों और उनके परिवारों के लिए आवास सुविधाओं का विस्तार करते हुए 299 आवासीय क्वार्टरों का निर्माण पूरा किया गया है।उन्होंने कहा कि जवानों की समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करना संगठन की जिम्मेदारी है। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बेहतर होती है, बल्कि परिवारों को भी सुरक्षा और सहयोग का भरोसा मिलता है।
सीमावर्ती चौकियों पर बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास
महानिदेशक ने बताया कि दूरदराज की सीमावर्ती चौकियों पर तैनात जवानों को बेहतर कपड़े, आधुनिक उपकरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी हैं।उन्होंने कहा कि कठिन मौसम में जवानों को सुरक्षित और सक्षम बनाए रखने के लिए आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।तकनीकी दक्षता, आधुनिक संचार व्यवस्था और लगातार क्षमता निर्माण को बल की भविष्य की आवश्यकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया।
हिमवीरों और उनके परिवारों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता
महानिदेशक ने दोहराया कि आईटीबीपी जवानों और उनके परिवारों का कल्याण संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जवान जब देश की सुरक्षा में अपना योगदान देते हैं, तब उनके परिवारों की सुविधाओं और जरूरतों का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है।हिमवीर सम्मान समारोह के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित करने के साथ पूरे बल को अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि जवानों के मनोबल को मजबूत करने, उनकी समस्याओं का समाधान करने और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
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