
x
मानसा। पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। इस घटना को लेकर बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को मानसा में विरोध प्रदर्शन हुए। मृतक के पिता भीम सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने और 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में बंद रखने का आह्वान किया है।भीम सिंह ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठाने के बावजूद उनके बेटे को सुरक्षा नहीं मिल सकी। परिवार ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग
मृतक के पिता भीम सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक की अंतरात्मा जागती है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और घटना से जुड़े सभी तथ्य सामने आएंभीम सिंह का आरोप है कि उनके बेटे ने नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ पहले भी आवाज उठाई थी। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।हालांकि, प्रशासन की कथित लापरवाही से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र जांच होना बाकी है।
15 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से पंजाब बंद का आह्वान
परविंदर सिंह झोटा के परिवार और न्याय की मांग को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है।बंद सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक रखने की अपील की गई है। भीम सिंह ने सभी सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, कार्यकर्ताओं और संयुक्त मंचों से इस बंद में सहयोग करने का अनुरोध किया है।उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का पालन करने की अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाओं को बंद से अलग रखा जाएगा।आयोजकों का कहना है कि बंद के माध्यम से सरकार के सामने न्याय, जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग रखी जाएगी।
फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की हत्या मंगलवार, 13 अक्टूबर को मानसा के एक बाजार में हुई थी।मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ एक मेडिकल स्टोर पर कथित रूप से नशीली दवाओं की अवैध बिक्री का विरोध करने पहुंचे थे।इस दौरान दुकान संचालक के साथ विवाद हुआ और गोलीबारी की घटना सामने आई। परविंदर सिंह को गोली लगने से उनकी मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी है।घटना के दौरान फेसबुक लाइव प्रसारण भी चल रहा था। इस वजह से गोलीबारी से जुड़ा वीडियो सामने आया और मामला व्यापक चर्चा में आ गया।
राजस्थान से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
पुलिस ने इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया है।घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया।मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस गोलीबारी की परिस्थितियों और घटना से संबंधित अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद मृतक के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग जारी रखी है।
आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, मेडिकल स्टोर में आगजनी
परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।बुधवार को प्रशासन ने आरोपी अश्विनी कुमार के मकान के एक हिस्से को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त किया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।घटना के बाद इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई।प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी कानून के तहत जांच और कार्रवाई का विषय हैं।
इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात
मृतक के पिता भीम सिंह ने बेटे की हत्या के बाद न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही थी।उन्होंने कहा कि उनका बेटा पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए अभियान चला रहा था और अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करता था।परविंदर सिंह झोटा लंबे समय से नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता अभियान से जुड़े हुए थे। उनके समर्थकों का कहना है कि वह युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते थे।
हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज
इस हत्या के बाद पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न विपक्षी दलों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी 15 अक्टूबर के पंजाब बंद का समर्थन किया है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग उठाई है।फिलहाल परिवार और विभिन्न संगठनों की मांग है कि हत्याकांड की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।गुरुवार को प्रस्तावित पंजाब बंद के मद्देनजर अब प्रशासन की तैयारियों और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रहेगी।
Next Story





