पंजाब

नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले झोटा की हत्या

Ratna Netam
14 Oct 2026 5:30 PM IST
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले झोटा की हत्या
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मानसा। पंजाब के मानसा जिले में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार, 14 अक्टूबर को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पंजाब पुलिस मामले की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हत्या में शामिल सभी दोषियों को कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यदि इस हत्या के पीछे किसी बड़ी साजिश का खुलासा होता है, तो उसमें शामिल लोगों को भी नहीं बख्शा जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस मामले की गहन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने को कहा है।
CM भगवंत मान ने हत्या को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि मानसा में सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या होना बेहद दुखद घटना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।मान ने कहा कि पंजाब पुलिस हत्या के जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस मामले में केवल गोली चलाने वाले व्यक्ति की भूमिका ही नहीं, बल्कि संभावित साजिश के पहलुओं की भी जांच जरूरी है।
DGP को गहन जांच के निर्देश
भगवंत मान ने पुलिस महानिदेशक को हत्याकांड की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़ी सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बचने नहीं दिया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करने के लिए कहा गया है।इस मामले में हत्या के पीछे की परिस्थितियों, आरोपियों की भूमिका और संभावित साजिश की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राजस्थान से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में पंजाब पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के चुरू जिले के सालासर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी एक धर्मशाला में छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया।अश्विनी कुमार मानसा में मेडिकल स्टोर संचालक बताया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले परमिंदर सिंह झोटा और आरोपी के बीच प्रतिबंधित दवाओं की कथित बिक्री को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद गोलीबारी की घटना सामने आई।
आरोपी के घर पर प्रशासन ने की कार्रवाई
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद मानसा में जिला प्रशासन ने उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की। प्रशासन ने इसे अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई बताया।वहीं, हत्या से नाराज लोगों ने आरोपी के मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की। दुकान में आग लगने की घटना भी सामने आई। क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्याकांड में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
परिवार ने की CBI जांच की मांग
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके परिवार और समर्थकों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। परिवार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों ने अपनी मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से भी इनकार किया है। इस घटना को लेकर मानसा में विरोध-प्रदर्शन हुए और स्थानीय स्तर पर बाजार बंद रखे गए।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से रिपोर्ट मांगी है।
नशे के खिलाफ अभियान पर उठे सवाल
परमिंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। वह लंबे समय से नशे की समस्या को लेकर सक्रिय थे। उनकी हत्या के बाद नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।विपक्षी दलों ने घटना को लेकर पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।फिलहाल मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने दोहराया है कि हत्या में शामिल लोगों के साथ-साथ किसी संभावित साजिश के जिम्मेदार व्यक्तियों को भी कानून के अनुसार सजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
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