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पंजाब में ड्रग माफिया से लड़ने वाले सुरक्षित नहीं BJP अध्यक्ष का बड़ा सवाल

Ratna Netam
13 Oct 2026 5:53 PM IST
पंजाब में ड्रग माफिया से लड़ने वाले सुरक्षित नहीं BJP अध्यक्ष का बड़ा सवाल
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चंडीगढ़। पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ड्रग माफिया के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब में आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा। भाजपा अध्यक्ष ने इस घटना को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार नशामुक्त राज्य बनाने के वादे के बावजूद नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रही है।भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब की जनता इस घटना को लेकर जवाब पाने की हकदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नशे के खिलाफ काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की जान को खतरा है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भरोसा कैसे किया जा सकता है।
मानसा में मेडिकल स्टोर संचालक ने मारी गोली
जानकारी के अनुसार, परमिंदर सिंह झोटा मंगलवार सुबह मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। वह लंबे समय से नशीले पदार्थों और नशीली दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान चला रहे थे।मेडिकल स्टोर पर पहुंचने के बाद झोटा ने दुकान संचालक अश्वनी कुमार से नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर सवाल पूछे। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद शुरू हो गयाघटना के समय झोटा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव वीडियो बना रहे थे। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर दुकान संचालक ने कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर गोली चला दी।गोली लगने से परमिंदर सिंह झोटा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फायरिंग में उनके कुछ साथी भी घायल हुए।
लाइव वीडियो के दौरान हुई वारदात
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, परमिंदर झोटा मेडिकल स्टोर संचालक से कथित नशीली दवाओं की बिक्री के बारे में सवाल कर रहे थे।दोनों के बीच बहस बढ़ने के दौरान दुकान संचालक के हाथ में हथियार दिखाई दिया। इसके बाद फायरिंग की घटना हुई।झोटा लंबे समय से मानसा और आसपास के इलाकों में नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे। वह सोशल मीडिया के माध्यम से कथित अवैध गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करते थे और संबंधित लोगों से सवाल पूछते थे।उनकी हत्या के बाद समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
भगवंत मान सरकार पर भाजपा का हमला
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है।उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।नितिन नवीन ने राज्य सरकार से इस घटना को लेकर जवाब मांगा और कहा कि पंजाब के नागरिक सुरक्षा तथा जवाबदेही की उम्मीद रखते हैं।हालांकि, भाजपा अध्यक्ष के ये आरोप राजनीतिक बयान हैं। राज्य सरकार की जिम्मेदारी और घटना से जुड़े आपराधिक तथ्यों का निर्धारण संबंधित जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
विपक्षी दलों ने भी उठाए सवाल
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद भाजपा के अलावा कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने भी पंजाब सरकार की आलोचना की है।विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।इस घटना ने पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान और उसकी प्रभावशीलता को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव चौधरी के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।पुलिस घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। शुरुआती रिपोर्टों में मेडिकल स्टोर संचालक के गोलीबारी के बाद फरार होने की जानकारी सामने आई थी।परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में नशे के खिलाफ काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल नितिन नवीन सहित विपक्षी नेताओं ने भगवंत मान सरकार से जवाबदेही की मांग की है। दूसरी ओर मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उसके निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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