पंजाब
नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे परमिंदर झोटा की हत्या DIG ने दिया बड़ा बयान
Ratna Netam
13 Oct 2026 5:33 PM IST

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मानसा। पंजाब के मानसा जिले में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को पंजाब पुलिस ने शुरुआती जांच का हवाला देते हुए बताया कि इस हत्याकांड के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी होने की आशंका है। पुलिस ने मुख्य संदिग्ध की पहचान दुकान मालिक अश्वनी के रूप में की है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। इस मामले में एक संदिग्ध सहयोगी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी के परिवार के कुछ सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
पंजाब पुलिस के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) हरजीत सिंह ने घटना को लेकर बताया कि पुलिस को मंगलवार को इस मामले की जानकारी मिली थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दुकान मालिक अश्वनी ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से परमिंदर सिंह झोटा पर गोली चलाई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच व्यक्तिगत दुश्मनी की बात सामने आई है। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
परमिंदर सिंह झोटा पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को लेकर सक्रिय थे। वह विशेष रूप से मानसा इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री और नशे की समस्या को लेकर आवाज उठाते रहे थे। उनकी गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान नशा विरोधी कार्यकर्ता के रूप में बनी हुई थी।
मंगलवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, परमिंदर झोटा एक मेडिकल स्टोर पहुंचे थे, जहां उनका दुकान मालिक के साथ विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान दुकान मालिक ने उन पर गोली चला दी। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। फायरिंग में झोटा गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना में उनका एक साथी भी घायल हुआ था।
डीआईजी हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। मुख्य संदिग्ध की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। पुलिस का प्रयास है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाए।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में एक संदिग्ध सहयोगी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा मुख्य आरोपी के परिवार के कुछ सदस्यों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटा रही है। हालांकि, परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उनके खिलाफ अपराध में शामिल होने का आरोप सिद्ध हो गया है।
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में नाराजगी देखने को मिली है। नशे के खिलाफ सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ता की इस तरह गोली मारकर हत्या किए जाने को लेकर कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी चिंता जताई है। घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इस मामले में पुलिस की शुरुआती जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू व्यक्तिगत दुश्मनी का संकेत है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों के बीच विवाद किस मुद्दे पर था और हत्या से पहले घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने और मुख्य संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद सामने आ सकते हैं।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्तौल और आरोपी की भूमिका से जुड़े सभी साक्ष्य किस तरह घटना की पुष्टि करते हैं। मामले में उपलब्ध वीडियो और अन्य सबूत भी जांच के लिए महत्वपूर्ण हैं।
फिलहाल पंजाब पुलिस की प्राथमिकता मुख्य संदिग्ध अश्वनी को गिरफ्तार करना है। अधिकारियों ने बताया है कि आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस की शुरुआती जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी का संकेत मिला है, लेकिन हत्याकांड के पीछे का अंतिम कारण जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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