
पंजाब: "इरादे मजबूत हों और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मंजिल पाना असंभव नहीं है।" पंजाब के मानसा जिले के कसबा जोगा निवासी संदीप सिंह ढिल्लों ने इस कहावत को विदेशी धरती पर सच साबित कर दिखाया है। कनाडा जाकर सामान्य लेबर या मजदूरी का काम करने के बजाय उन्होंने पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखा और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर उसे साकार किया। कनाडा के रेजिना में छह महीने का कठिन पुलिस प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब वे गोडसलेक (Gods Lake) में एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं।
संदीप सिंह ढिल्लों का जन्म वर्ष 1991 में पिता गुरदेव सिंह ढिल्लों और माता सुरिंदर कौर के घर हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मानसा और बरनाला जिले में संपन्न हुई। उन्होंने 10वीं की परीक्षा संत बाबा लोंगपुरी हाई स्कूल, पक्खो कलां से उत्तीर्ण की, जबकि 11वीं और 12वीं की पढ़ाई मानसा के चेतन सिंह सर्वहितकारी विद्या मंदिर से की। इसके बाद उन्होंने बरनाला के एसडी कॉलेज से नॉन-मेडिकल में उच्च शिक्षा प्राप्त की। विदेश जाने से पहले संदीप ने बरनाला के तपा मंडी स्थित एक प्राइवेट वेयरहाउस में लगभग तीन वर्षों तक काम भी किया।
वर्ष 2018 में संदीप का विवाह रमणदीप कौर से हुआ, जो वर्तमान में कनाडा में ही एक सरकारी शिक्षिका हैं। साल 2019 में परमानेंट रेजिडेंसी (PR) मिलने के बाद संदीप कनाडा चले गए। उनके भाई मनदीप सिंह बताते हैं कि संदीप को कनाडा की धरती पर पहले दिन से ही सामान्य लेबर का काम करना पसंद नहीं था। वहाँ पहले से पुलिस विभाग में तैनात अपने कुछ रिश्तेदारों से प्रेरणा लेकर उनके मन में भी कनाडा पुलिस में भर्ती होने की इच्छा जागी।
कड़ी परीक्षा, शारीरिक मापदंडों और छह महीने की सख्त ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद जब संदीप ने पुलिस अधिकारी की वर्दी में अपनी तस्वीर अपने माता-पिता को भेजी, तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। संदीप अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कनाडा में पूरी तरह सेटल हैं। मानसा में उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और माता-पिता अपने बेटे के इस उपलब्धि भरे सफर और नौकरी के पहले दिन को देखने के लिए कनाडा जाने की तैयारी कर रहे हैं।





