पंजाब

चंडीगढ़ की लहर ने पंजाब के हिप-हॉप को दी नई पहचान

Kiran
4 Oct 2026 11:17 AM IST
चंडीगढ़ की लहर ने पंजाब के हिप-हॉप को दी नई पहचान
x
Chandigarh 'लहर' (Lehar) के फाउंडर रणधीर सिंह संधू कहते हैं, "मुझे आज भी यह बात अद्भुत लगती है कि बटाला के एक आम लड़के को दुनिया के सबसे बड़े हिप-हॉप आइकॉन में से एक का फ़ोन कॉल आया, सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उसने अपने रैप गाने YouTube पर पोस्ट किए थे।" स्ट्रीट पोएट्री की दुनिया में 'सरगनाह' (Srganah) के नाम से पहचाने जाने वाले संधू, अपने इस प्रोजेक्ट 'लहर' को एक मूवमेंट — एक क्रांति — मानते हैं, जिसका मकसद हिप-हॉप को उसकी असल जगह, यानी सड़कों (streets) तक वापस ले जाना है।
2017 में सिर्फ़ तीन आर्टिस्ट के साथ शुरू हुए इस मूवमेंट से 'लहर चंडीगढ़ मिक्सटेप' (Lehar Chandigarh Mixtape) बना। यह 19 रैपर्स का बनाया हुआ 10 गानों का एल्बम था, जिसमें पंजाबी, हिंदी, हरियाणवी और अंग्रेज़ी भाषा के गाने शामिल थे। इसे 2025 में रिलीज़ किया गया था। इस एल्बम का सफ़र 2025 में तब शुरू हुआ, जब सरगनाह को अमेरिकी हिप-हॉप स्टार और 'मास अपील' (Mass Appeal) के फाउंडर 'नास' (Nas) का फ़ोन कॉल आया।
'लहर' और 'मास अपील इंडिया' के बीच हुए इस शानदार कोलेबोरेशन (सहयोग) से बने इस एल्बम ने मेनस्ट्रीम म्यूज़िक लेबल और अंडरग्राउंड हिप-हॉप आर्टिस्ट के बीच की दूरी को कम करने के लिए पहचान बनाई। बटाला के रहने वाले सरगनाह ने 2017 में अपने कुछ दोस्तों — दिनेश कुमार 'स्लिम नेश' (Slim Nesh) और मनदीप सिंह 'डॉक्स' (Dox) — के साथ मिलकर 'लहर' की शुरुआत की थी। उस समय वे चंडीगढ़ के DAV कॉलेज में स्टूडेंट थे। भारतीय हिप-हॉप तब शुरुआती दौर में ही था। ज़ोया अख्तर की फ़िल्म 'गली बॉय' (Gully Boy) के ज़रिए इस आर्ट फ़ॉर्म के मेनस्ट्रीम में आने में अभी कुछ साल और लगने वाले थे।
सरगनाह और स्लिम नेश ओरिजिनल रैप गाने बनाते थे और उन्हें YouTube पर अपलोड करते थे। चंडीगढ़ में ही पढ़ने वाले एक और स्टूडेंट, डॉक्स, भी ऐसा ही करते थे। भले ही प्लेटफ़ॉर्म पर उन्हें बहुत ज़्यादा लोग नहीं देखते थे, लेकिन इन वीडियोज़ की वजह से वे एक-दूसरे को जान पाए।
तीनों को जल्द ही एहसास हुआ कि उनके जैसे और भी आर्टिस्ट होंगे जो अपनी स्किल्स को बेहतर बनाना चाहते हैं और अपनी कला में माहिर होना चाहते हैं। "हम हिप-हॉप के लिए कुछ करना चाहते थे। इस कल्चर, आर्ट और आर्टिस्ट्स के लिए। इसी तरह 'लहर' की शुरुआत हुई," सरगनाह ने बताया। उन्होंने याद करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ़ ऑडियंस को खींचना नहीं, बल्कि एक कम्युनिटी बनाना था।
'लहर' के केंद्र में 'साइफर' का कॉन्सेप्ट था, जो हिप-हॉप आर्टिस्ट्स की एक अनौपचारिक (इनफॉर्मल) गैदरिंग होती है। रैपर्स एक स्पीकर के चारों ओर घेरा बनाकर खड़े होते हैं जो बीट्स बजाता है, और बारी-बारी से अपनी राइम्स और रिदम की समझ का प्रदर्शन करते हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में हुए पहले 'लहर संडे साइफर' में सिर्फ़ तीन लोग शामिल हुए — इसके तीनों फाउंडर्स। इससे वे निराश नहीं हुए। उन्होंने कुछ बीट्स बजाईं और एक-दूसरे के लिए परफॉर्म किया। जैसे-जैसे महीने बीतते गए, 'लहर साइफर' का दायरा बढ़ता गया। 'लहर' के फाउंडर्स में से एक, डॉक्स ने बताया, "हर रविवार हम इकट्ठा होते थे, बस इस सोच के साथ कि हमारे पास शेयर करने के लिए कुछ है।" उन्होंने बताया कि कैसे इस मूवमेंट ने उनके अंदर के राइटर को निखारा। वे अब एक फुल-टाइम म्यूज़िक प्रोड्यूसर और सॉन्गराइटर हैं, जिनके 'दीवाना' और 'सुपरस्टार' जैसे हिट गाने हैं।
सरगनाह आगे कहते हैं, "हमारे पास कोई सोशल मीडिया टीम नहीं थी। जैसे-जैसे यह मूवमेंट अपने आप बढ़ता गया, इससे जुड़े लोगों ने खुद अपने अकाउंट्स बनाए और इसके बारे में पोस्ट करना शुरू कर दिया। दिल्ली में एक साइफर के दौरान, हमने ऑडियंस में लोगों को 'लहर' के लिए नारे लगाते सुना। तभी हमें एहसास हुआ कि हमने खुद से भी बड़ी कोई चीज़ बनाई है।"
दिल्ली के जमुनापार के हिप-हॉप आर्टिस्ट MC अमृत को फेसबुक पर 'लहर' के बारे में पता चला। अमृत कहते हैं, "मैंने फेसबुक पर 'लहर ज़िंदाबाद' लिखा हुआ एक फ़ोटो देखा। उस पर लिखा था 'शाम 4 बजे साइफर — द चाय स्टोरी, CP'। मुझे दिलचस्पी हुई, इसलिए मैं वहाँ गया।" "तब से, हर रविवार साइफर का दिन बन गया। दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी में भी हम वहाँ पहुँचते थे और माहौल में जोश भर देते थे।" कोविड-19 महामारी 'लहर' के लिए दोधारी तलवार साबित हुई। जहाँ इसने ज़मीनी स्तर पर इसकी रफ़्तार को रोका, वहीं इसने समाज के एक बड़े हिस्से को इंस्टाग्राम की लत भी लगा दी। महामारी के बाद इस मूवमेंट ने फिर से रफ़्तार पकड़ी और म्यूज़िक इंडस्ट्री में हिप-हॉप की एक नई लहर दौड़ गई।
सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी छोड़ने के बाद, जगसिफ़त ‘conVIth’ ने जनवरी 2024 में फुल-टाइम म्यूज़िक करने का फ़ैसला किया। conVIth कहते हैं, "मुझे ‘Lehar’ के बारे में तब पता चला जब यह इंस्टाग्राम पर बहुत ज़्यादा पॉपुलर नहीं हुआ था। चंडीगढ़ में ऐसी चीज़ का कोई पहले से उदाहरण नहीं था। इत्तेफ़ाक से, जब मैं पहली बार एक साइफ़र (cypher) में गया, तो ‘Lehar’ की एक रील वायरल हो गई। मैं एक साल तक हर रविवार साइफ़र में जाता रहा। मेरी परफ़ॉर्मेंस की एक क्लिप भी वायरल हो गई। ‘Lehar’ के ज़रिए मैं बहुत से लोगों तक पहुँच पाया।" उन्होंने अपने ट्रैक ‘Shinobiz’ के साथ ‘Lehar Chandigarh Mixtape’ में भी हिस्सा लिया। उनकी राइमिंग स्किल्स और ज़बरदस्त एनर्जी की वजह से उन्हें पंजाबी म्यूज़िक के कुछ बड़े नामों से तारीफ़ मिली है।
नयागाँव के रहने वाले राणा जी को भी ‘Lehar’ साइफ़र्स में अपना ग्रुप मिला। वे कहते हैं, "मैं गाने रिकॉर्ड करना चाहता था लेकिन मेरे पास माइक नहीं था। इसलिए, मैं साइफ़र में जाता था और किसी ऐसे व्यक्ति से जुड़ता था जिसके पास माइक हो। रैपर्स के लिए अपनी कला को निखारने और स्टेज का डर दूर करने के लिए साइफ़र्स एक बेहतरीन जगह हैं।" राणा जी, चंडीगढ़ के ही एक और आर्टिस्ट J-Punk के साथ मिलकर ‘Bad Flow’ नाम की जोड़ी के तौर पर अपना म्यूज़िक रिलीज़ करते हैं। यह जोड़ी ‘Chandigarh Mixtape’ में भी शामिल थी।
Next Story