
अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में शनिवार को LGBTQ इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मधुसूदन संधू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। करीब 30 वर्षीय मधुसूदन सोशल मीडिया पर ‘मैड संधू’ के नाम से चर्चित थे। वह सोशल मीडिया पर अपनी पहचान, जिंदगी और व्यक्तिगत अनुभवों को लेकर खुलकर बात करते थे। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम करीब छह बजे दो अज्ञात हमलावरों ने संधू पर गोलियां चलाईं। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
इस हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। गोल्डी ढिल्लों नाम के फेसबुक हैंडल से किए गए एक पोस्ट में कथित तौर पर मधुसूदन संधू की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पोस्ट में संधू पर पंजाब को खराब करने का आरोप भी लगाया गया। हालांकि पुलिस ने इस सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे की पुष्टि नहीं की है और इसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
पुलिस के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि पोस्ट करने वाला व्यक्ति कौन है और उसका हत्या से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं। सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आने भर से उसकी भूमिका साबित नहीं होती। जांच एजेंसियां पोस्ट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जानकारियों की पड़ताल कर रही हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब छह बजे दो अज्ञात लोग मधुसूदन संधू के पास पहुंचे और उन पर गोलियां चला दीं। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल संधू की जान नहीं बचाई जा सकी।
वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस हमलावरों के आने और वारदात के बाद भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश कर रही है। आसपास मौजूद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर हमलावरों के हुलिए और अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
मधुसूदन संधू सोशल मीडिया की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम थे। ‘मैड संधू’ के नाम से सक्रिय संधू मेकअप आर्टिस्ट के रूप में भी काम करते थे। वह सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों और वीडियो के साथ अपनी जिंदगी से जुड़ी बातें साझा करते रहते थे। अपनी पहचान को लेकर खुलकर बात करने के कारण उनके समर्थकों के साथ-साथ विरोध करने वाले लोग भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे।
जानकारी के मुताबिक, समलैंगिक होने को लेकर मधुसूदन संधू को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग और विरोध का सामना करना पड़ता था। अब उनकी हत्या के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या उनकी सोशल मीडिया पहचान या उन्हें मिल रही धमकियों और विरोध का वारदात से कोई संबंध था। हालांकि हत्या की असली वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के सामने कई पहलुओं की जांच करने की चुनौती है। एक तरफ दो अज्ञात हमलावरों की पहचान करनी है, वहीं दूसरी तरफ हत्या के बाद सामने आई कथित फेसबुक पोस्ट की सच्चाई का पता लगाना है। पुलिस यह जांच सकती है कि संबंधित फेसबुक अकाउंट वास्तव में गोल्डी ढिल्लों नाम के व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था या किसी अन्य व्यक्ति ने इस नाम का इस्तेमाल किया।
डिजिटल जांच इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। पोस्ट कब और कहां से किया गया, अकाउंट की गतिविधियां क्या रही हैं और पोस्ट करने वाले का मृतक से कोई संबंध था या नहीं, जैसे सवालों के जवाब जांच की दिशा तय कर सकते हैं। इसके साथ ही मधुसूदन संधू के सोशल मीडिया अकाउंट, हाल में मिले संदेश और संभावित धमकियों की भी जांच की जा सकती है।
पुलिस संधू के परिवार, दोस्तों और करीबी लोगों से भी जानकारी जुटा सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि हत्या से पहले उन्हें किसी तरह की धमकी मिली थी या उनका किसी व्यक्ति से विवाद चल रहा था। उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने के कथित दावे में संधू पर पंजाब को खराब करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस इस दावे को भी गंभीरता से जांच रही है। फिलहाल इसे हत्या के मकसद का प्रमाण नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पोस्ट का संबंध वास्तविक हमलावरों से था या इसे घटना के बाद भ्रम फैलाने के उद्देश्य से किया गया।
मधुसूदन संधू की हत्या ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सुरक्षा और ऑनलाइन ट्रोलिंग को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। ऑनलाइन विरोध और वास्तविक हिंसा के बीच किसी तरह का संबंध था या नहीं, इसका पता लगाना जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है। यदि पहले किसी तरह की धमकी दी गई थी तो पुलिस उसके स्रोत का भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है।
इस मामले में पुलिस की प्राथमिकता दोनों अज्ञात हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन से जुड़े तकनीकी तथ्यों और सोशल मीडिया गतिविधियों को जोड़कर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल मधुसूदन ‘मैड संधू’ की हत्या के पीछे का मकसद स्पष्ट नहीं हुआ है। हत्या की जिम्मेदारी लेने का कथित सोशल मीडिया पोस्ट जांच के दायरे में है और पुलिस उसके पीछे मौजूद व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगा कि संधू की हत्या व्यक्तिगत रंजिश, उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों, उनकी पहचान को लेकर विरोध या किसी अन्य वजह से की गई। दो अज्ञात हमलावरों की गिरफ्तारी के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड की अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।





